बिजली आपूर्ति चालू होने के कारण लोहे के पाइप में करंट उतर गया और दोनों युवक उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में दोनों को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुए। राकेश यादव ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं दुर्गेश यादव करंट की चपेट में आने के बाद अचेत हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राकेश यादव चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके पिता गांव में खेती-किसानी करते हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाते रहे।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल दुर्गेश यादव से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। विधायक ने चिकित्सकों से भी बातचीत की और घायल के बेहतर इलाज के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने चिकित्सकों से घायल की स्थिति के संबंध में जानकारी लेते हुए इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने की बात कही।
विधायक संग्राम सिंह यादव ने राकेश यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से हुई यह घटना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मृतक के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं।
घटना को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी और चिंता है। लोगों का कहना है कि गांव और आबादी वाले क्षेत्रों में गुजर रहे हाईटेंशन तारों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हादसे ने बिजली के तारों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।