पत्रकार रतन सिंह। (फाइल फोटो)
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सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ, अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार, सीओ सदर चंद्रकेश सिंह, फेफना थानाध्यक्ष शशिमौली पांडेय मौके पर पहुंच गए। उधर, अपर पुलिस महानिदेशक बृज भूषण ने बताया कि रतन सिंह की पट्टीदारी के विवाद में हत्या हुई है। आठ माह से उनका विवाद चल रहा था। इस हत्या का पत्रकारिता से कोई संबंध नहीं है। मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
छह आरोपी गिरफ्तार
अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने बताया कि पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें सुशील सिंह, सुनील सिंह, अरविंद सिंह, वीर बहादुर सिंह, दिनेश सिंह और विनय सिंह शामिल हैं।
विनोद सिंह के अनुसार, उनके बेटे रतन सिंह को गांव का ही सोनू सिंह कल रात आठ बजे घर से बुलाकर ले गया था। इस दौरान उसके घर पर पहले से मौजूद लोग लाठी, डंडे और रिवॉल्वर से लैस थे। आरोप लगाया कि इन लोगों ने रतन की हत्या कर दी।
थाना प्रभारी निलंबित
इस मामले में फेफना थाना प्रभारी शशि मौली पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। राजीव मिश्रा को नया प्रभारी बनाया गया है।
घटना के पीछे पट्टीदारी का विवाद बताया जा रहा है। दो साल पहले इनके भाई की भी हत्या हो चुकी है। फेफना थाना क्षेत्र के निवासी पत्रकार रतन सिंह का गांव में पुराना मकान है, जहां पट्टीदारों से विवाद है। रतन सिंह का नया मकान रसड़ा-फेफना मार्ग पर बना हुआ है। बताया जा रहा है कि सोमवार की शाम रतन सिंह अपने पुराने मकान पर गए थे, जहां बदमाशों ने दौड़ा लिया।
वहां से वह भागते-भागते फेफना के प्रधान सीमा सिंह के घर में घुसे, लेकिन बदमाशों ने घर में घुसकर उनके सिर में गोली मार दी। जिससे उनकी माौके पर ही मौत हो गई। रतन सिंह के दो पुत्र हैं।