प्रदेश सरकार की ओर से बड़े ही जोर-शोर के साथ शुरू गंगा यात्रा शुभारंभ के बाद ही सवालों के घेरे में आ चुकी है। बलिया जिला प्रशासन के मुखिया जिलाधिकारी श्रीप्रताप शाही ने बीते 23 जनवरी को गंगा यात्रा को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की थी तो बताया था कि गंगा यात्रा के साथ ही पॉलीथिन को लेकर भी अभियान शुरू किया जाएगा, लेकिन उनके अधिकारी शायद उनकी बात को गंभीरता से नहीं ले पाए।
क्योंकि गंगापुर में ही गोपालपुर से रवाना हुए नौकायन प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान समारोह में डीएम के पॉलीथिन उन्मूलन अभियान का माखौल बन गया या कहा जाय कि डीएम साहब के आदेश के विपरीत पॉलीथिन की थैली का सरकारी कार्यक्रम में उपयोग किया गया।
दरअसल, बलिया जिले के गोपालपुर घाट से नाव के सहारे गंगा यात्रा में शामिल होने वाले मंत्रियों को गंगापुर घाट पर गंगा यात्रा के रथ में सवार होना था। इसके साथ ही गंगापुर में ही गोपालपुर से रवाना हुए नौकायन प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान समारोह भी रखा गया था। इसे लेकर यहां भी स्वागत आदि का पूरा प्रोग्राम रखा गया था।
स्वागत समारोह के लिए गंगापुर घाट पर भी मंच आदि बनाया गया था। यहां नांव से पहुंचे जल शक्ति व कौशल विकास मंत्री महेन्द्र नाथ पांण्डेय, पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा बलिया के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर, आवास व शहरी विकास राज्य मंत्री गिरीश चन्द्र यादव का माला पहनाकर स्वागत किया गया।
इसके बाद मंत्रियों ने नौकायन प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया। गंगा यात्रा के दौरान गोपालपुर से रथ में सवार होकर आ रहे कृषि शिक्षा व कृषि अनुसंधान मंत्री उत्तर प्रदेश सूर्य प्रताप साही व बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को स्वागत भी गंगापुर घाट पर किया गया। इन सभी के लिए जो मालाएं मंगाई गई थीं वह पॉलीथिन की थैलियों में भरकर आई थी, इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं था।