वाराणसी के बेनियाबाग मैदान में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में बृहस्पतिवार सुबह ‘हम भारत के लोग’ बैनर तले प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए 19 में से 12 आरोपियों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू यानी गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। साथ ही विवेचक ने पांच-पांच हजार का इनाम घोषित करने की रिपोर्ट एसएसपी को भेजी है।
बीते गुरुवार को धारा 144 लागू होने के बावजूद बेनियाबाग मैदान में महिलाएं धरने पर बैठ गईं और जब पुलिस महिलाओं को उठाने लगी तो मैदान के बाहर मौजूद भीड़ शोर मचाकर दौड़ते हुए अंदर घुसी। आरोप है कि पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके गए तो पुलिस ने भी लाठी पटक कर सभी को खदेड़ दिया था। इस बीच धरने पर बैठीं महिलाएं अपने घरों के लिए निकल गईं थीं। मैदान में मौजूद छह लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा।
चौक थाने में सृष्टि कश्यप सहित 30 के खिलाफ नामजद और 600 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मौके पर लगे बैनर-पोस्टर और तख्तियां पुलिस ने कब्जे में ले लिया था। एहतियातन बेनियाबाग मैदान और आसपास के क्षेत्र में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए। माहौल सामान्य होने के बाद बेनिया, नई सड़क और दालमंडी के आसपास के क्षेत्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने फोर्स के साथ रूट मार्च किया था।
बताते चलें कि नई दिल्ली, लखनऊ और आजमगढ़ के बाद शहर में भी बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे 14-15 महिलाएं और सात-आठ पुरुष हाथ में संविधान की प्रस्तावना और तिरंगा लेकर बेनियाबाग मैदान में गांधी चबूतरा के पास धरने पर बैठे। इस पर पुलिस ने धरना की अनुमति संबंधी कागजात मांगे। कागज न दिखा पाने पर पुलिस सभी को उठा कर वाहन में बैठाने लगी।
इसी बीच हड़हा मार्केट की ओर से चहारदीवारी कूदकर भीड़ में शामिल लोग बेनियाबाग मैदान में घुसे तो पुलिस ने लाठी लेकर उन्हें भी दौड़ा लिया। इस दौरान पुलिस की ओर ईंट-पत्थर फेंके गए। इंस्पेक्टर चौक आशुतोष कुमार तिवारी ने बताया कि जैतपुरा के गुलाम रसूल, अबू सूफियान, अमीर सुहैल व मोहम्मद सालेह, खजुरी के गुलीसाद और मऊ निवासी वरिसर गनी को गिरफ्तार किया गया है।