भदोही में विधायक के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता ने 13 सितंबर 2021 को वारणसी के जैतपुरा थाने में भी मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि बाहुबली विधायक विजय मिश्र के परिजनों और तीन बेटियों, दामाद सहित 14 लोगों ने घर पर आकर मुकदमा वापस लेने, समझौता के उद्देश्य से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी थी।
इसी मामले में कोर्ट से जारी वारंट बी पर विधायक को आगरा जेल से सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वितीय निधि पांडेय की अदालत में पेश कर रिमांड बनाया गया। पेशी की जानकारी पर विधायक के अधिवक्ता राधेश्याम चौबे व विवेक शंकर तिवारी समेत काफी संख्या में लोग जुट गए।
कोर्ट में पेशी के दौरान बाहुबली विधायक विजय मिश्र ने भगवान राम पर टिप्पणी की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि भगवान राम क्षत्रिय नहीं बल्कि विष्णु के स्वरूप है। कहा कि राम किसी पार्टी के एजेंट नहीं है।
वारंट बी के तहत पेशी पर आए ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने कहा कि मौजूदा सरकार ब्राह्मण विरोधी है। ऐसे मुकदमे लादे गए कि ताकि विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ सकूं। रंगबाजी, गुंडा टैक्स संबंधी कोई आपराधिक मुकदमा नहीं है।
गृहमंत्री पर आरोप लगाते हुए बाहुबली विधायक ने कहा कि डेढ़ साल पूर्व आईबी से जांच कराई गई थी। मैं अपनी संपत्ति किसी को भी देने को तैयार हूं। किसी भी सरकार के सामने घुटने टेकने वालों में से मैं नहीं हूं, भले ही गर्दन कट जाए। गलत का विरोध अंतिम सांस तक करता रहूंगा।