दो महीने में शहरी क्षेत्र में जले 25 से अधिक ट्रांसफार्मर
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। ट्रांसफार्मर जलने का प्रमुख कारण खराब अर्थिंग है। खराब अर्थिंग के कारण पिछले दो माह में 25 से अधिक ट्रांसफार्मर जले हैं। अगर ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग ठीक करा दी जाए तो जलने की घटनाओं में खासी कमी आ सकती है।
अधिशासी अभियंता अंकुर पांडेय के मुताबिक 250 केवीए से बड़े और पुराने ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग पूरी तरह बेकार हो चुकी है। इसमें किसी भी प्रकार के खामी आने पर ज्यादा करेंट बन जाता है। अर्थिंग सही नहीं होने से यह ट्रांसफार्मर झेल नहीं पाता और जल जाता है। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर को सही रखने के लिए नया तेल मिल जाए तो ट्रांसफार्मर जलने में 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
वर्जन
समय-समय पर ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग ठीक कराई जाती है अगर कहीं शिकायत है तो उसे दूर कराया जाएगा। - अनूप वर्मा, मुख्य अभियंता
वर्कशॉप को नहीं पता, कितनी बार की मरम्मत
वर्कशॉप में रिपेयर के लिए आने वाले ट्रांसफार्मर की कितनी बार मरम्मत की गई, इसकी जानकारी अधिकारियों के पास नहीं है। वर्कशॉप को यह भी नहीं पता कि एक ट्रांसफॉर्मर कितनी बार जला और मरम्मत के बाद उसकी दक्षता कितनी है। ट्रांसफार्मर कैसे जला यह आकलन करने के लिए वर्कशॉप के पास कोई उपकरण नहीं है। आंकड़ा नहीं रखने का खुलासा हाल ही उत्तर प्रदेश पावर काॅरपोरेशन के चेयरमैन एम देवराज के निरीक्षण में हुआ था। अब जून महीने से ट्रांसफार्मर का ब्योरा दर्ज किया जा रहा है।