महंत आवास पर पूरी हुई बाबा विश्वनाथ की मटमंगरा की रस्म
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काशीपुराधिपति की मटमंगरा की रस्म सोमवार को संपन्न हो गया। महाशिवरात्रि पर मंगलवार को काशीपुराधिपति का विवाहोत्सव मनाया जाएगा। मान्यता यह है कि इस अद्भुत क्षण के साक्षी केवल काशीवासी ही नहीं बल्कि पूरा देवलोक होता है।
‘कहवां के पियर माटी, कहवां के कोदार, कहवां क सात सुहागिन मोटी कोड़े जाए हो...’ ऐसे मंगल गीतों से सोमवार को रेड जोन स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ. कुलपति तिवारी का आवास गूंज उठा।
अवसर था, काशीपुराधिपति की मटमंगरा की रस्म का। बाबा की पंचबदन रजत प्रतिमा का लग्नानुसार मटमंगरा किया गया। इस दौरान महंत आवास में मंगल गीत गूंजते रहे।
मटमंगरा की रस्म के बाद विवाह की वेदी तैयार की गई। मटमंगरा की रस्म के दौरान प्रख्यात ठुमरी साम्राज्ञी स्व. गिरिजा देवी की शिष्या ममता शर्मा ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए।
महाशिवरात्रि पर मंगलवार को काशीपुराधिपति का विवाहोत्सव मनाया जाएगा। मान्यता यह है कि इस अद्भुत क्षण के साक्षी केवल काशीवासी ही नहीं बल्कि पूरा देवलोक होता है। महाशिवरात्रि पर देवों के देव महादेव की रात की चारों पहर की आरती पूरे विधि-विधान से होती है।