परिजनों ने लगाया ये आरोप
कंधरापुर थाना के खोजापुर माधवपट्टी निवासी योगेंद्र यादव भी उसी में थे। परिवार के लोगों का कहना था कि मऊ के एजेंट विनोद यादव ने सभी को फंसाया था। गार्ड की नौकरी के लिए लेकर गए और बार्डर पर भेज दिया। 15 जनवरी 2024 को विनोद, सुमित और दुष्यंत नामक एजेंट के साथ गए।
नौकरी छोड़ भाई की तलाश में भटकता रहा अजीमुद्दीन
अजहरुद्दीन के भाई अजीमुद्दीन ने बताया कि वह दो साल से अपनी सऊदी की नौकरी छोड़कर भाई की तलाश में भटक रहा था। यहां एंबेसी से लेकर रूस तक दौड़े। काफी मशक्कत के बाद सरकार की मदद से आज उसका शव मिल सका। यह बहुत बड़ा स्कैम है। एजेंसी संचालक पर कार्रवाई होनी चाहिए।