मंदिर ने निर्माण से पहले ही कण-कण शंकर की नगरी काशी पूरी तरह से राम रंग में रंग गई। जाति-धर्म की दीवारें तोड़कर क्या हिंदू, क्या मुस्लिम क्या पंडित क्या, मल्लाह हर कोई इस उल्लास में शामिल है। मंगलवार को गंगा के तट से लेकर घरों तक बस राम ही राम गूंज रहे थे। नमामि गंगे की ओर से दशाश्वमेध घाट पर श्रीराम का पूजन किया गया।