सर्जन प्रो. एनएन खन्ना
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मरीजों की सेवा ही मेरा धर्मः प्रो. एनएन खन्ना
पद्मश्री सम्मान पाने वालों में वाराणसी शहर के जाने माने सर्जन प्रो. एनएन खन्ना का नाम भी शामिल है। बातचीत में प्रो. खन्ना ने बताया कि मरीजों की सेवा ही धर्म है। जब तक जिंदगी रहेगी मरीजों की नि:शुल्क सेवा करता रहूंगा। बीएचयू में 1961 से 1993 तक सर्जरी विभाग में प्रोफेसर रहे खन्ना बीएचयू से 1993 में सेवानिवृत्ति के बाद से हर दिन माता आनंदमयी अस्पताल में नि:शुल्क सेवा दे रहे हैं। उधर बीएचयू सर्जरी विभाग में चिकित्सक और प्रो. खन्ना के सुपुत्र डॉ. राहुल खन्ना ने बताया कि प्रो. खन्ना के ही छात्र रहे देशभर में 100 से अधिक सर्जन आज मरीजों की सेवा कर रहे हैं।
पिता की उपलब्धि से खुश हैं डॉ. फिरोज खान
बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति के बाद विवादों में आए डॉ. फिरोज खान पिता रमजान को पद्मविभूषण सम्मान मिलने से बहुत खुश हैं। राजस्थान निवासी फिरोज ने बताया कि पिताजी को लोग मुन्ना मास्टर के नाम से भी बुलाते हैं।
फिरोज ने बताया कि नियुक्ति के बाद से ही इतना तनाव मिला था कि उनके साथ-साथ पूरा परिवार दुखी था, अब इस उपलब्धि से बहुत खुशी हुई। कहा कि पिता रमजान गो सेवा के साथ-साथ हर दिन मंदिर में भजन भी गाते हैं। कहा कि यह गौरव की बात है कि पिताजी को यह सम्मान मिला। बताया कि दादाजी गफूर खान से ही पिताजी को कला-संगीत की सीख मिली।