कोर्ट में हाजिर होने जाते पूर्व विधायक अजय राय
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सरकार बनाम राकेश न्यायिक की पत्रावली में महत्वपूर्ण प्रपत्र व गवाह का बयान है। बिना उन पत्रावलियों के आये मुकदमे की सुनवाई संभव नहीं है। कोर्ट में एक और आवेदन दिया कि गवाह को विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम के तहत सुरक्षा उपलब्ध कराने के आवेदन के बावजूद जिला प्रशासन गवाह को समुचित सुरक्षा नहीं उपलब्ध करा रहा है। जबकि विपक्षी दुर्दांत अपराधियों के बीच गवाही देनी है।
ऐसे में समुचित सुरक्षा दिए जाने पर ही भयमुक्त होकर ही गवाह से जिरह संभव है। अदालत ने इस आवेदन की प्रति चेतगंज एसएचओ को भेजते हुए इस आवेदन का 27 जनवरी तक निस्तारण होने तक गवाह अजय राय को तलब किये जाने पर रोक लगा दी है। तीन अगस्त 1991 को पूर्व विधायक अजय राय के भाई अवधेश राय की चेतगंज स्थित आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ गवाही देने के लिए पूर्व विधायक अजय राय को सुरक्षा नहीं दिए जाने पर कांग्रेस नेताओं में उबाल है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासन ने पूर्व विधायक को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई, प्रशासन की यह ओछी मानसिकता है। आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर पूर्व विधायक अजय राय को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है।
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