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औरगंजेब और बाबर ने किया मंदिरों का अपमान : बिट्टा

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भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष मनिंदर जीत सिंह बिट्टा ने मंगलवार को काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन किए। बिट्टा ने कहा कि औरंगजेब और बाबर ने मंदिरों का अपमान किया है। दोनों ने न केवल मंदिरों को तोड़ा बल्कि सिख समाज सहित अन्य के साथ अत्याचार भी किया। बिट्टा ने ज्ञानवापी में मामले में कहा कि मुस्लिम समाज से बस यही प्रार्थना है कि उन्हें सेक्युलरिजम का सबूत देना चाहिए। वह ज्ञानवापी हिंदुओं को सौंप दें, यही सेक्युलरिजम का सबसे बड़ा प्रमाण होगा। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद बिट्टा ज्ञानवापी परिसर में भी जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें अनुमति नहीं दी। काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन पूजन करने के बाद बिट्टा ने संकट मोचन मंदिर पहुंचकर हनुमानजी के दर पर मत्था टेका।
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मुस्लिम कौम के खिलाफ नहीं
बिट्टा ने कहा कि औरंगजेब जालिम और बाबर काफिर था। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का निर्माण हो रहा है अब मथुरा, काशी की बारी है। मथुरा और काशी इतिहास से जुड़े हैं। बिट्टा ने कहा कि मैं मुस्लिम कौम के खिलाफ नहीं हूं। अगर आज अजमेर शरीफ की तरह दरगाह होती तो हम वहां खड़े होते।
जब तक रहेगी दुनिया, तब तक रहेगा ज्योतिर्लिंग
ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के दौरान शिवलिंग मिलने के सवाल पर बिट्टा ने बडे़ ही तीखे अंदाज में कहा कि यह सच है कि काशी में भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग था, है और जब तक दुनिया रहेगी तब तक रहेगा। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान को भी आड़े हाथों लिया। बिट्टा ने कहा कि ओवैसी ने औरंगजेब की मजार पर जाकर सिख कौम के इतिहास के पन्नों को खोलने की कोशिश की है। यह ठीक नहीं है। औरंगजेब जालिम था और जालिम ही कहलाएगा।
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