वाराणसी। कई महीनों का मानदेय न मिलने से तीन दिनों से धरने पर बैठे 14 क्रय केंद्रों के प्रभारी सचिवों के प्रतिनिधि मंडल से बुधवार को मंडलीय संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक देवमणि मिश्रा ने मुलाकात की। विकास भवन में हुई मुलाकात में मिश्रा ने धरना समाप्त कर काम पर वापस लौटने को कहा गया। धरने का नेतृत्व कर रहे संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी समन्यवक समिति के अध्यक्ष ऋषि चौबे ने बताया कि हमारा धरना प्रदेश स्तर पर है जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी धरना जारी रहेगा।
समिति के महामंत्री अनिल दूबे, सिद्धेश्वर नाथ तिवारी, ऋषि नारायणन सिंह, अनिल दूबे, हाकिम सिंह मुलाकात करने वालों में शामिल थे। जिला विपणन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि हड़ताल में सिर्फ पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर ताला लगा बाकि विपणन और भारतीय खाद्य निगम के क्रय केंद्र पर धान की खरीद हो रही। धान खरीद के तीसरे दिन बड़ागांव क्रय केंद्र पर एक किसान ने 10 क्विंटल धान की बिक्री की।
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एसडीएम स्तर पर नहीं हो पा रहा सत्यापन
धान खरीद के लिए किसानों सहूलियत के लिए कई शर्तों में भले ही छूट दी गई हो लेकिन 100 क्विंटल तक धान की बिक्री के लिए एसडीएम का सत्यापन जरूरी है। लेकिन सत्यापन न होने से किसान क्रय केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। बुधवार को कुछ ऐसा ही हाल पहड़िया मंडी क्रय केंद्र पर रहा। केंद्र प्रभारी नेहा ने बताया कि दिन में चार से पांच किसान आए, जिनका एसडीएम स्तर पर सत्यापन न होने से वापस लौट गए। जिले में तीन हजार से अधिक किसानों ने धान की बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें करीब डेढ़ हजार तक किसानों का एसडीएम स्तर तक सत्यापन हो पाया।