आतंकी साहित्य कर रहा था साझा
एटीएस के मुताबिक, नबील ने वाट्सएप समूह में आतंकी अनवर उल अवलाकी की किताब 'जिहाद करने के 44 तरीके' साझा की थी। अल कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट के पूर्व प्रमुख मौलाना आसिम उमर की किताब 'तीसरी जंग-ए-अजीम और दज्जाल' भी साझा की गई थी। आरोपी और उसके साथियों के बीच पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर प्रशिक्षण लेने की योजना पर बातचीत हुई थी। बम बनाने की सामग्री और पोटैशियम नाइट्रेट हासिल करने को लेकर भी चर्चा मिली है।
'गजवा-ए-हिंद' की योजना पर कर रहा था बात
एटीएस का दावा है कि नबील पाकिस्तान के सहयोग से भारत में 'गजवा-ए-हिंद' की योजना पर भी बात कर रहा था। देश विरोधी गतिविधियों की सूचना के बाद जांच शुरू हुई थी। लखनऊ के एटीएस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता और विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मोहम्मद नबील के साथ उठाए गए थे दो और युवक
स्थानीय लोगों की मानें तो एटीएस ने मोहम्मद नबील के साथ ही दो युवकों को और उठाया था। बाद में एटीएस ने उन दोनों युवकों को तो छोड़ दिया लेकिन मोहम्मद नबील को नहीं छोड़ा। अब उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर एटीएस कार्रवाई में जुटी है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि एटीएस ने जिले से किसी को उठाया है, हमें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर कुछ जानकारी होती है तो बताते हैं।