विवेचना के दौरान जामवंत की पीसीआर में उसके कब्जे से तमंचा बरामद होने की बात पुलिस ने बताई है। इसके बाद 28 अप्रैल 2025 को मिर्जामुराद, वाराणसी में दर्ज एक मामले की विवेचना में जामवंत, सुमित और प्रदुम्मन के नाम सामने आए। पुलिस ने इस मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए गैंगचार्ट तैयार कर अनुमोदन की प्रक्रिया शुरू की। गैंग के चार सदस्यों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।
सरगना पर 32 मुकदमे, साथी पर चार मामले
थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि गैंग के प्रमुख सदस्य जामवंत यादव उर्फ जमुना के खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, तमंचा और एनडीपीएस एक्ट समेत 32 मामले दर्ज हैं। ये मामले आजमगढ़ के कई थानों के अलावा सैदपुर, गाजीपुर और मिर्जामुराद, वाराणसी से जुड़े हैं। जामवंत को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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वहीं, गैंग के दूसरे सदस्य हीरालाल यादव के खिलाफ तरवां थाने में हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी और एससी/एसटी एक्ट समेत चार मामले दर्ज बताए गए हैं। उसे भी पूर्व में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शनिवार को सुमित और प्रदुम्मन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।