केंद्र की ओर से नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा को गंगा बेसिन के लिए अर्थ गंगा का पूरा प्रोजेक्ट तैयार कर भेजा गया था। इसके तहत गंगा नदी के दोनों ओर पांच किलोमीटर के क्षेत्र में प्राकृतिक वातावरण को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना भी शामिल था।
एनएमसीजी में लटका बीएचयू में गंगा शोध केंद्र का एक करोड़
बीएचयू के महामना मालवीय रिसर्च सेंटर फॉर गंगा को बंद करने के फैसले पर विश्वविद्यालय ने कोई खास वजह तो नहीं लिखी है, लेकिन इस बार केंद्र संचालन के लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) से फंड न मिलने को भी वजह माना जा रहा है। एनएमसीजी में शोध केंद्र को मिलने वाला एक करोड़ का फंड भी लटक गया है।
24 अगस्त को सहायक कुलसचिव विकास डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव की ओर से इसे बंद करने का आदेश जारी होने पर लोग हैरान हैं। पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान की प्रोफेसर कविता शाह को कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। उनके सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय में कुलपति बनने के बाद से नये कोऑर्डिनेटर की मांग की गई थी।
क्या बोले पूर्व चेयरमैन
महामना मालवीय रिसर्च सेंटर फॉर गंगा के बंद होने की पूर्व में कोई जानकारी नहीं थी। विश्वविद्यालय का पत्र मिलने के बाद पता चला। केंद्र बंद होने से गंगा के लिए होने वाले शोध व कार्य बंद नहीं होंगे। -प्रो. बीडी त्रिपाठी, पूर्व चेयरमैन, महामना मालवीय रिसर्च सेंटर फॉर गंगा