सेना में भर्ती होने के लिए जितने नवयुवक पंजीकरण करा रहे हैं उतने पहली परीक्षा यानी दौड़ के लिए उपस्थित नहीं हो रहे हैं। बीते 21 अक्तूबर से बनारस के छावनी क्षेत्र के रणबांकुरे स्टेडियम में जारी सेना भर्ती रैली में पांचों जिले के 30 प्रतिशत से ज्यादा अभ्यर्थी पंजीकरण कराने के बाद दौड़ में शामिल होने नहीं आए। खासतौर से इस मामले में आजमगढ़ जिले का बुरा हाल रहा।
सेना भर्ती के पहले दिन मऊ जिले के पंजीकृत 4940 अभ्यर्थियों में से 1518 अनुपस्थित रहे। दूसरे दिन की भर्ती के लिए मऊ और बलिया जिले के पंजीकृत 4947 अभ्यर्थियों में से 1558 अनुपस्थित रहे। तीसरे दिन की रैली के लिए बलिया जिले के 4656 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था लेकिन 1507 गैरहाजिर रहे।
चौथे दिन की रैली के लिए बलिया जिले के 5234 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 1514 उपस्थित नहीं हो सके। पांचवें दिन की रैली में बलिया और आजमगढ़ जिले के 6406 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था लेकिन 2232 अभ्यर्थी दौड़ में शामिल होने नहीं आए।
छठें दिन की रैली में आजमगढ़ जिले के 6480 अभ्यर्थी पंजीकृत थे लेकिन 2640 दौड़ में शामिल होने नहीं आए। सातवें दिन की रैली के लिए 6140 अभ्यर्थियों का पंजीयन था लेकिन 2102 नहीं आए। आठवें दिन की रैली के लिए देवरिया जिले के 5697 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था लेकिन 1708 दौड़ में शामिल होने नहीं आए।