Varanasi News: वाराणसी के कबीरचौरा स्थित नागरी नाटक मंडली में आयोजित इस कार्यक्रम में दर्शकों का जमावड़ा रहा। नाट्य पक्ष के साथ ही कार्यक्रम में तकनीक का भी उपयोग हुआ, जिसकी लोगों ने खूब सराहना की।
वाराणसी के नागरी नाटक मंडली का मंच गुरुवार को फ्रांसीसी दूतावास की ओर से आयोजित नाटक ही रोज का गवाह बना। श्रीमद्भागवतगीता और यूनानी महाकाव्य इलियाड के पात्रों क्रमश: अर्जुन और अच्चिल्लेस का अंग्रेजी में संवाद दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। मृत्यु के बाद दोनों पात्रों की मुलाकात जब अंतरिक्ष में होती है तो उन्होंने युद्ध की विभीषिका पर अपना-अपना विचार साझा किया।
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फ्रांसीसी दूतावास और इंस्टीट्यूट फ्रांसेज इंडिया के सहयोग से फ्रांसीसी स्कूल ईएनएसएटीटी और भारतीय थियेटर ट्रूप आदिशक्ति लेबोरेटरी की ओर से नाट्य मंचन हुआ। नाटक में दोनों महान योद्धाओं के पुत्रों अभिमन्यु और इसीजीनिया के बीच भी संवाद ने कौतूहल पैदा किया।
देसी-विदेशी कलाकारों की संयुक्त प्रस्तुति में नाट्य पक्ष के साथ ही तकनीक का प्रयोग काबिले तारीफ रहा। नाटक में निम्मी राफेल, जूली, मैतिल्ड,मारियूस, एल्सा, सूरज एवं मीदू ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। निम्मी राफेल के नाटक का निर्देशन विनय कुमार कोट्टेकल जोसेफ ने किया। संगीत लॉली, लाइट कैलिस्त, सहायक निर्देशन आर्नो, मंच सज्जा फ्रांस्वा ने की।