Varanasi News: वाराणसी नगर निगम के लिपिक को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद उसकी करतूत की चर्चा खूब हो रही। वहीं एंटी करप्शन की टीम पूरे सिंडिकेट को तोड़ने में लगी है।
वाराणसी नगर निगम में एक दिन पूर्व पहली बार घूस लेने के आरोप में लिपिक रामविलास शर्मा गिरफ्तार हुआ था। बुधवार को निगम में आरोपी के कारनामों की खूब चर्चा रही। चकिया चंदौली के अलावा आरोपी ने बनारस में चल-अचल संपत्ति बनाई है।
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एंटी करप्शन की टीम पूरे सिंडिकेट को तोड़ने में लगी है। रामविलास पहले बरेली में विभाग की महिला अधिकारी के यहां काम करता था। उनकी सिफारिश पर एक अधिकारी ने चपरासी के पद पर उसे नियुक्त किया था। बाद में मुख्य अभियंता कार्यालय में बाबू बना दिया। 10 साल में रामविलास ने काफी प्रगति की है।
चर्चा रही कि नगर निगम के पीछे उसे सरकारी क्वार्टर मिला था। यहीं से सिंडिकेट चलता था। शहर में ही आलीशान मकान बनवाया है। चकिया चंदौली में भी काफी संपत्तियां हैं। टीम अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
जिस व्यक्ति की शिकायत पर कार्रवाई हुई है उसने फरवरी में आवेदन किया था। चार माह से उसे अनावश्यक दौड़ाया जा रहा था। थक हारकर उसने एंटी करप्शन की मदद ली थी।