श्रृंगार गौरी के बाद व्यास स्थल का दर्शन: महापरिषद के अनुसार सुबह 8.30 बजे तक बांसफाटक स्थित सत्य नारायण मंदिर में भक्तों को पहुंचना अनिवार्य है। भक्त दर्शन परिक्रमा के लिए सुबह 9 बजे मंदिर में प्रवेश करेंगे। सुबह 9:30 बजे तक माता श्रृंगार गौरी का सामूहिक पूजन होगा। इसके बाद भक्त विश्वनाथ मंदिर के मूल स्थल व्यास जी के स्थान पर जाकर दर्शन करेंगे। ढूंढीराज गणेश, माता अन्नपूर्णा, दक्षिणामुखी हनुमान जी की पूजा के बाद हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। फिर बांसफाटक पर प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
खुफिया एजेंसियां सक्रिय
पिछले वर्षों में पुलिस और ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के कार्यकर्ताओं में तीखी झड़पों के चलते इस बाद सुरक्षा के कई कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने समन्वय के लिए ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसमें बताया गया कि खुफिया एजेंसियों ने भी मंदिर के आसपास गतिविधियां बढ़ा दी है। ईद के चलते माहौल न बिगड़े, इसको भी तय किया गया है। आरएसएस के प्रदेश के धर्म जागरण प्रमुख अभय की निगरानी में तैयारियां चल रहीं हैं।