अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने उदयपुर फाइल्स फिल्म को सांप्रदायिक सौहार्द और शांति व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। मसाजिद कमेटी के सचिव अब्दुल बातिन नोमानी ने पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी को पत्र लिखकर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि फिल्म में कई भड़काऊ, आपत्तिजनक और तथ्यहीन बाते हैं जिसके कारण धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। मसाजिद के सचिव अब्दुल बातिन नोमानी ने पत्र में लिखा है कि उदयपुर फाइल्स 11 जुलाई को रिलीज होने जा रही है। इसके ट्रेलर से यह स्पष्ट होता है कि फिल्म कानून व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकती है।
ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर झूठे एवं भड़काऊ दृश्य व डायलॉग प्रस्तुत किए गए हैं। यह सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मामले को प्रभावित करने की नीयत प्रतीत होती है। पैगंबर हजरत मुहम्मद स. के संबंध में भी अत्यंत आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। यह फिल्म सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का भी उल्लंघन करती है जिसमें कोर्ट ने कहा है कि विचाराधीन मामलों में सार्वजनिक भावनाओं को भड़काने वाले प्रचार से बचा जाए।
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फिल्म की रिलीज के दिन जुमा और सावन का पवित्र महीना दोनों एक साथ है। इससे सांप्रदायिक तनाव फैलने का गहरा अंदेशा है। सचिव ने कहा कि हमारी मांग है कि फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाई जाए। निर्माता निर्देशकों एवं प्रदर्शकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।