बाढ़ में डूबा रत्नेश्वर मंदिर।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर बनारस में भी नजर आ रहा है। चार दिन से लगातार हो रही बढ़ोतरी में सुबह गिरावट दर्ज की गई और सांझ ढलते ही रफ्तार में बढ़ोतरी शुरू हो गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की रात आठ बजे गंगा का जलस्तर डेढ़ सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से 61.68 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी गंगा आरती की निचली सीढ़ियों तक पहुंच गया है।
शुक्रवार को सुबह गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ते रहने के कारण सिंधिया घाट पर अति प्राचीन रत्नेश्वर महादेव मंदिर का गर्भगृह पूरा जलमग्न हो गया। अब सिर्फ मंदिर का शिखर ही नजर आ रहा है। वहीं, कई घाटों पर छोटे-छोटे मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। हालांकि अभी आरती स्थलों में बदलाव की स्थिति नहीं बनीं है। वहीं, बढ़े जलस्तर को देखने के लिए लोगों की भीड़ दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर लगी रही।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन व कमिश्नरेट पुलिस भी अलर्ट मोड पर है। जल पुलिस लगातार विभिन्न घाटों पर सतर्कता बरतने की अपील कर रही है। वहीं नाविकों को भी अतिरिक्त सुरक्षा व एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। क्षमता से ज्यादा सवारी बैठाने एवं सूर्यास्त के बाद नौका संचालन नहीं करने की लगातार हिदायत देते रहे।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार जलस्तर में बढ़ाव की रफ्तार सुबह से प्रति दो घंटे एक सेंटीमीटर रहा है। सुबह आठ बजे तक जलस्तर 61.60 मीटर रिकार्ड किया गया। वहीं, मध्याह्न 12 बजे 61.62 मीटर, अपराह्न तीन बजे 61.64 मीटर एवं सायं छह बजे 61.65 मीटर था। लेकिन इसके बाद जलस्तर में वृद्धि की गति तेज हो गई और अगले दो घंटों में तीन सेंटीमीटर पानी ऊपर चढ़ गया। रात आठ बजे तक जलस्तर 61.68 मीटर पर पहुंच चुका था और इसमें अभी भी बढ़ाव के ही संकेत दिख रहे थे।