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‘अमृत’ को स्वीकारा, जल निगम को नकारा

Sat, 04 Jun 2016 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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नगर निगम में शुक्रवार को सदन की बैठक के दौरान जल कल विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते पार्षद।
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नगर निगम सदन की बैठक में शुक्रवार को काफी शोरशराबे के बीच ‘अटल मिशन फार रिजूवनेशन एंड अरबन ट्रांसफारमेशन’ (अमृत) योजना को स्वीकृति दे दी गई। वहीं इस योजना के तहत सीवेज, पेयजल ब्रांच पाइपलाइनों के कनेक्शन आदि का कार्य कराने के लिए नामित संस्था जल निगम को सदस्यों ने सर्वसम्मति से नकार दिया। सदन में निर्णय लिया गया कि इस योजना को पूरा कराने के लिए किसी दूसरी संस्था को नामित कर सदन को अवगत कराया जाए।
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  इस दौरान सदस्यों ने जल निगम के विरोध में नारेबाजी की और अध्यक्ष के आसन के बगल में खड़े होकर विरोध में पोस्टर भी लहराए। इसके अलावा स्मार्ट सिटी, करसड़ा प्लांट, एलईडी लाइट लगाने, परशुरामपुर और टड़िया चकबीही में आईपीडीएस योजना को मंजूरी  प्रदान की गई। सुबह 9:10 बजे कार्यवाही शुरू होते ही सदस्यों ने जल निगम पर गुणवत्ता की अनदेखी, कार्यों में लूट-खसोट और भ्रष्टाचार के आरोपों की झड़ी लगा दी।

पार्षद वरुण सिंह, अजीत सिंह ने जल निगम के अधिकारियों की बेनामी संपत्ति की जांच शासन से कराने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। पार्षद सीताराम केशरी, गोविंद शर्मा, विजय जायसवाल, अमरदेव यादव, डॉ. राजेश जायसवाल, रविकांत विश्वकर्मा, अनिल शर्मा, असलम खां, सत्यम सिंह, अजय गुप्ता मानकों की अनदेखी करने पर जल निगम के अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग पर अड़े थे।
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 इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पार्षद राजेश यादव चुल्लू, अशोक मिश्रा, दिलीप यादव और अशोक सेठ ने प्रूछा कि जल निगम के अधिकारी यहां मौजूद हैं या नहीं। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि जीएम पेयजल आरपी पांडेय, गंगा प्रदूषण के जीएम संजय सिंह मौजूद हैं, इसके बाद तो  पार्षदों ने सदन में जेएनएनयूआरएम के तहत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाया। 

 काफी चर्चा और सदस्यों की बात सुनने के बाद मेयर राम गोपाल मोहले ने कहा कि सदन सर्वसम्मति से अमृत योजना को सदन में स्वीकार करते हुए जल निगम से इसके कार्य न कराने का निर्णय लेती है। साथ ही जेएनएनयूआरएम के तहत कराए गए पेयजल और ओवरहेड टैंकों को अब तक जनोपयोगी न बनाने, लापरवाही करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया गया। 
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 नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि इस निर्णय से शासन को अवगत कराते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की जाए। 12:30 बजे बैठक 25 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई।
 
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