फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी: चाय वाले की बेटी को जीवनदान देने वालों का अमर उजाला ने किया सम्मान, डेढ़ साल से बीएचयू में है भर्ती

Sun, 24 Sep 2023 10:02 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू ने चाय बेचने वाले की 10 वर्षीय बेटी प्रिया से रिश्ता जोड़ा और 547 दिन के इलाज पर 60 लाख रुपये खर्च कर दिए। ट्रॉमा सेंटर की चिकित्सकीय टीम ने प्रिया को नया जीवन दिया। अमर उजाला ने चिकित्सकीय टीम को सम्मानित कर उनके इस प्रयास को सराहा।
विज्ञापन
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर की चिकित्सकीय टीम को किया गया सम्मानित - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के रोहतास जिले के सेमारी गांव के मूल निवासी चाय बेचने वाले मुन्ना की दस साल की बेटी प्रिया का इलाज बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में सबसे ज्यादा समय तक चला है। इससे पहले दो और बच्चों का इलाज हुआ था, फिर जीवनदान मिला था। प्रिया को नई जिंदगी देने और सेवा के प्रति समर्पण का भाव रखने वाले डॉक्टरों, नर्सिंग व सामान्य स्टाफ को रविवार को अमर उजाला की तरफ से सम्मानित किया गया। अमर उजाला की टीम ट्रॉमा सेंटर सभागार गई और डॉक्टरों के प्रयास की सराहना की है।

विज्ञापन


बिहार की प्रिया स्कूल में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बचने की उम्मीद कम थी, लेकिन बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंचते ही डॉक्टरों ने सहारा दिया। वेंटीलेटर पर रखकर डेढ़ साल से इलाज कर रहे हैं। अब प्रिया वेंटीलेटर से व्हील चेयर पर आ गई है। इससे डॉक्टर गदगद हैं।

बीएचयू ने बच्ची के इलाज पर खर्च किए 60 लाख रुपये

प्रिया के इलाज व उसकी देखरेख पर अब तक 60 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। यह मामला सामने आया तो बीएचयू प्रशासन व ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो सौरभ सिंह सहित पूरी टीम की संवेदनशीलता सामने आई। पता चला कि सरकारी सिस्टम ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और प्रिया की जान बचाई। अमर उजाला फाउंडेशन ने डॉक्टरों व उनकी टीम की पहल को सराहा और सम्मानित किया।
ये भी पढ़ें: डेढ़ साल बाद बच्ची को मिली नई जिंदगी; चोट लगने से फट गई थीं दिमाग की नसें, डॉक्टरों ने नहीं लिए पैसे

विज्ञापन

बीएचयू ट्रॉमा सेंटर की चिकित्सकीय टीम - फोटो : अमर उजाला
आमतौर पर सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों के प्रति लोगों की धारणा नकारात्मक रहती है। लोग सही से इलाज, जांच न करने का आरोप लगाते हैं। प्रिया के सफल इलाज के बाद अमर उजाला फाउंडेशन ने डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ का हौसला बढ़ाया है। यह प्रेरणा का काम करेगा। न्यूरो सर्जरी, एनीस्थीसिया व ओटी की टीम ने शानदार प्रयास किया और मासूम को नई जिंदगी दी। - प्रो सौरभ सिंह, प्रभारी ट्रॉमा सेंटर

इन्हें मिला सम्मान

बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती प्रिया - फोटो : अमर उजाला
प्रो.सौरभ सिंह, प्रो. कुलवंत सिंह, डॉ. अनुराग साहू, डॉ. घनश्याम यादव, डॉ. कविता मीना, डॉ. मंजरी मिश्रा, डॉ.संदीप लोहा, डॉ. सरिता के साथ ही अस्पताल में प्रशासनिक व्यवस्था में सहयोग करने वाले कर्नल(रिटा.) मनीष शर्मा,डॉ. मनीष मिश्रा, डॉ. रविशंकर प्रधान, डॉ. विक्रांत को अमर उजाला की ओर से प्रशंसा प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ में मो.रफीक, उदय राज, संतोष सैनी, सविता, संघमित्रा, श्रीकांत, राधा, जी थारून, वेणुगोपाल, जितेंद्र सिंह, प्रिंस, सूर्या, प्रमोद सोनी के साथ ही ओटी टेक्नीशियन अमित, हाउसकीपिंग स्टाफ में रेशमा, प्रहलाद।
विज्ञापन

इनकी भी रही मौजूदगी

बीएचयू अस्पताल के डिप्टी एमएस प्रो. अंकुर सिंह, ट्रॉमा सेंटर के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश मीना, न्यूरोलॉजी विभाग से डॉ. अभिषेक पाठक, स्त्री रोग विभाग से डॉ. शिखा सचान, बाल सर्जरी विभाग से डॉ.वैभव पांडेय, बाल रोग विभाग से डॉ. अभिषेक अभिनय के साथ ही ट्रॉमा सेंटर की डिप्टी नर्सिंग सुपरीटेंडेंट पुष्पा मिंज, धनंजय, मृत्युंजय दूबे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें