बच्चों द्वारा प्रकाशित होने वाली नन्ही उड़ान की सूत्रधार प्रधानाध्यापिका शुभावती देवी व सहायक अध्यापिका वंदना पांडेय हैं। प्राथमिक विद्यालय के कक्षा पांच तक के बच्चे पिछले पांच साल से नन्ही उड़ान पत्रिका निकाल रहे हैं। संसाधनों के अभाव में पत्रिका का प्रकाशन संभव नहीं हुआ तो इसको दीवार बाल पत्रिका नाम दे दिया गया। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि उत्तर कोरोना पत्रिका का 14वां अंक है। इसमें उन बच्चों ने योगदान दिया है, जिन्होंने अपने अभिभावकों को खोया है।
बच्चे ही तैयार करते हैं ले आउट
दीवार बाल पत्रिका को बच्चों द्वारा लिखी गई कहानी, कविताओं और चित्रों से ही तैयार किया जाता है। पत्रिका में संपादकीय लिखने का काम भी बच्चे ही कर रहे हैं। इसके साथ ही बोर्ड पर कहानी, कविताओं और चित्रों को सजाने व चयन का काम भी बच्चों को दिया जाता है। सहायक अध्यापिका वंदना पांडेय ने बताया कि कोरोना काल में पत्रिका अनियमित तो हुई थी, लेकिन बच्चाें की मेहनत से दोबारा पटरी पर आ चुकी है।