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अमर उजाला शिक्षा अभियान : ऑफलाइन शुरू होने के बाद भी ऑनलाइन पढ़ाई का क्रेज बरकरार

Sun, 27 Mar 2022 03:14 PM IST
सुशील कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, कंदवा

सार

ऑडियो विजुअल तकनीक से विषयों को सीखने में आसानी हुई ही है, दूर बैठे अध्यापक की कक्षा में भी शामिल हुआ जा सकता है। दूरदर्शन चैनलों, मुहल्ला क्लास और शिक्षा सारथी के जरिए भी बच्चों को सीखने का मौका मिला।
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अमर उजाला अभियान शिक्षा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण के दौरान दो वर्ष तक स्कूली बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई होती रही। अब कक्षाएं सामान्य रूप से चलने लगी हैं। इससे लगने लगा है कि ऑनलाइन पढ़ाई से पीछा छूट गया हो लेकिन ऐसा होने वाला नहीं लगता। अभी भी तमाम अध्ययन सामग्री ऑनलाइन ही उपलब्ध है।

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लॉकडाउन के दौरान डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा था। सरकारी और निजी संस्थानों में वर्चुअल बैठकें होने लगीं और ऑनलाइन शिक्षा का भी तेजी से प्रसार हुआ। अब यह जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। डिजिटल तकनीक का भरपूर इस्तेमाल शैक्षणिक संस्थानों में भी किया गया। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए छात्रों का संपर्क एक दूसरे से बढ़ा तो यूट्यूब के जरिए बेहतर अध्ययन सामग्री प्राप्त हो रही है। 

ऑडियो विजुअल तकनीक से विषयों को सीखने में आसानी हुई ही है, दूर बैठे अध्यापक की कक्षा में भी शामिल हुआ जा सकता है। दूरदर्शन चैनलों, मुहल्ला क्लास और शिक्षा सारथी के जरिए भी बच्चों को सीखने का मौका मिला। अब जब कक्षाएं चलने लगी हैं तब भी डिजिटल तकनीक की मदद से छात्र पढ़ रहे हैं।
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प्रधानाचार्य का कोट
नियमित कक्षाएं चलने के बाद भी तकनीक की मदद से छात्र पढ़ रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान बच्चों को घर में न तो सहपाठियों का साथ मिला और न ही स्कूली अनुशासन। अब ऑफलाइन कक्षाओं के शुरू होने पर कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षक सभी छात्रों को बेहतर करने के लिए अतिरिक्त मेहनत कर रहे हैं। - डॉ. कृष्णकांत तिवारी प्रधानाचार्य।

कक्षाओं में पढ़ाई के लिए एक अच्छा माहौल होता है। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान कई समस्याएं होती थीं। ज्यादा पढ़ना संभव नहीं था और लिखने का अभ्यास भी कम हो गया था। अब ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से काफी सहूलियत हुई है। महिमा सिंह, छात्रा।

भले ही संक्रमण कम हो गया हो लेकिन विद्यालय में कोरोना गाइड लाइन का पालन कराया जा रहा है। स्कूल के गेट पर ही मास्क की जांच कराने के साथ छात्रों को सैनिटाइज किया जा रहा है। - विजय शंकर सिंह, प्रबंधक, सर्वोदय इंटर कॉलेज, अरंगी।

घरों में स्कूलों की तरह अनुशासन नहीं मिल पाता है। ऑनलाइन क्लास के दौरान बच्चों में अनुशासन की कमी देखने को मिली जिसका पढ़ाई पर भी असर हुआ। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की पढ़ने और लिखने की क्षमता पर भी विपरीत असर पड़ा है। कोरोना के कारण शिक्षा काफी पीछे चली गई है। - संजय सिंह, अभिभावक।

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