जनपद में 15 से 17 वर्ष के एक लाख 25 हजार 959 विद्यार्थी हैं। इनमें अभी तक एक लाख 19 हजार 903 छात्र-छात्राओं को कोराना रोधी पहली डोज लग चुकी है। यह करीब 95 प्रतिशत है। वहीं कोरोना की दूसरी वैक्सीन 79 हजार 299 छात्र-छात्राओं को ही लगी है जो 63 प्रतिशत है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि शेष छात्र-छात्राओं को भी शीघ्र ही वैक्सीन की दूसरी डोज लगा दी जाएगी।
कोरोना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. आरबी शरण ने बताया कि 50 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों को टीकाकरण अभियान शुरू होने के दो सप्ताह के भीतर पहली कोविड वैक्सीन दे दी गई थी। 15 से 17 वर्ष की आयु वर्ग के छात्रों को तीन जनवरी से टीका लगाना शुरू किया गया था। इस दौरान सरकारी व निजी स्कूलों में अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं को टीका लगाया गया है। छात्रों ने भी उत्साह के साथ टीका लगवाया।
बताया कि नगरीय क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों ने 100 प्रतिशत टीके की पहली खुराक हासिल कर ली है जबकि ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में करीब 80 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। टीकाकरण अभियान में स्कूलों और शिक्षा विभाग ने मदद की है। कई स्कूलों ने अपने परिसर में शिविर लगाकर टीकाकरण कराया है।
इसके अलावा सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षक व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक छात्र के टीकाकरण की स्थिति की निगरानी भी कर रहे हैं। वहीं छात्र-छात्राओं का कहना है कि शुरूआती झिझक के बाद सभी ने उत्साह से टीका लगवाया है। हालांकि इन दिनों बोर्ड परीक्षा को लेकर टीका लगाने का कार्य बंद है। स्कूल प्रबंधनों का कहना है कि परीक्षाएं होने के बाद फिर से टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
स्कूल प्रबंधन के कोट
बच्चों को कोरोना रोधी टीका दिया जाना आवश्यक है। सरकार की ओर से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। स्कूल में शिविर लगाकर सभी छात्र- छात्राओं का टीकाकरण करा दिया गया है। -अमित सिंह, प्रबंधक, जेएन ग्लोबल एकेडमी, सदलपुरा।
कोराना संक्रमण की तीसरी लहर को रोकने के लिए युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया है। कॉलेज के लगभग सभी छात्र-छात्राओं को टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है। -
अरुण कुमार अग्रवाल, प्रबंधक, एसजी पब्लिक स्कूल, रविनगर।
अभिभावकों के कोट
बच्चों को कोरोना के संक्रमण से बचाने को लेकर चिंता हो रही थी। उन्हें रोग प्रतिरोधक व इम्युनिटी बढ़ाने की खुराक दी जा रही थी। अब कोरोना रोधी टीका लगने के बाद काफी राहत महसूस हो रही है। - बनारसी यादव, कुढ़ेखुर्द, पीडीडीयू नगर।
कोरोना संक्रमण काल के दौरान स्कूल बंद रहे। स्कूल खुले तो बच्चों को भेजने में डर लग रहा था क्योंकि कोरोना संक्रमण का प्रकोप पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था। स्कूलों में टीका लगने से राहत मिली।
- भवानी शंकर सिंह, कैलाशपुरी।
शुरुआत में टीका लगवाने को लेकर काफी भय व दुविधा की स्थिति थी पर शिक्षकों व अभिभावकों के समझाने के बाद सारी झिझक समाप्त हो गई। सभी ने उत्साह के साथ टीका लगवाया है। -
शुभम, छात्र, कक्षा-11
कोरोना रोधी टीका लगवाने के बाद अब छात्र खुद को काफी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका आत्मबल बढ़ा है। स्कूलों में अभी भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है जो अच्छी बात है।
- आयुष, छात्र, कक्षा-11
एकौनी के मनोज सिंह के पूरे परिवार ने ली है सुरक्षा कवच
नियामताबाद। क्षेत्र के एकौनी गांव निवासी मनोज सिंह का पूरा परिवार कोविड टीके की दोनों डोज ले चुका है। टीका लगवाने के बाद वे अपने को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मनोज सिंह की मां लालमनि देवी (75), पत्नी कुसुम सिंह (50), पुत्र सुधीर कुमार सिंह (28), संजीत कुमार सिंह (26), पुत्र वधू कनक सिंह (25) व गुंजन सिंह (24) को वैक्सीन की दोनों डोज चार माह पहले लग गई है।
जिले में 15 से 17 वर्ष के अधिकतर छात्र-छात्राओं का टीकाकरण हो चुका है। जो बचे हैं उनको भी जल्द टीका लगाया जाएगा। लोगों से अपील है कि वे अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर नि:शुल्क कोविड वैक्सीन लगावाएं और खुद और अपने परिवार को सुरक्षित रखें। -
डॉ. युगल किशोर राय, सीएमओ