स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि सरकार सनातन धर्म के सब्र की परीक्षा न लें। देश की सरकार और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों से अखिल भारतीय संत समिति मांग करती है कि या तो वह धन से भरे मंदिरों से अपना कब्जा छोड़ दें और उन्हें हमें पुनः सौंप दें। ताकि हम छोटे मंदिरों के पुजारियों और सेवादारों का खर्च उठा सकें। या फिर छोटे-बड़े सभी मंदिरों के पुजारियों और सेवादारों के बारे में भी सोचकर उनके लिए भी कुछ सार्थक करें।