फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसीः यूपी कॉलेज के कृषि स्नातकों को नहीं मिलेगा पीजी में दाखिला, छात्रों ने शुरू किया धरना-प्रदर्शन

Fri, 02 Jul 2021 12:54 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

यूपी कॉलेज से बीएससी एग्रीकल्चर में डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक रही है। नए नोटिफिकेशन के अनुसार, जो संस्थान आईसीएआर से मान्यता प्राप्त नहीं हैं, उन संस्थानों से बीएससी एग्रीकल्चर में डिग्री हासिल करने वालों को सरकारी कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट में दाखिला नहीं दिया जाएगा। 
विज्ञापन
यूपी कॉलेज : छात्रों ने शुरू किया धरना-प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से बीएससी एग्रीकल्चर में डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कॉलेज का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया और वहीं बैठकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। छात्रों ने कहा कि प्रबंधन समिति की आपसी तकरार में छात्रों का हित प्रभावित हो रहा है। बारिश के दौरान भी सभी मुख्य द्वार पर वो डटे रहे। 

विज्ञापन


दरअसल, छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन का कारण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की नोटिफिकेशन है। इसके तहत  यूपी कॉलेज से कृषि विज्ञान में स्नातक करने वाले छात्रों को अब परास्नातक (पीजी) में दाखिला नहीं मिलेगा। पिछले साल के उत्तीर्ण छात्रों को भी आईसीएआर से मान्यता प्राप्त किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं मिला था। महाविद्यालय की लापरवाही के कारण बीएससी कृषि के छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। 

यूपी कॉलेज से बीएससी एग्रीकल्चर में डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक रही है। नए नोटिफिकेशन के अनुसार, जो संस्थान आईसीएआर से मान्यता प्राप्त नहीं हैं, उन संस्थानों से बीएससी एग्रीकल्चर में डिग्री हासिल करने वालों को सरकारी कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट में दाखिला नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा छात्र ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जाम फॉर एडमिशन में बैठने के भी पात्र नहीं होंगे।

विज्ञापन

छात्रों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में भी आवेदन करने का मौका नहीं मिलेगा। छात्रों का कहना है कि उन्हें तो अब समझ में ही नहीं आ रहा है कि वह करें तो क्या करें।  यूपी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके सिंह ने कहा कि आईसीएआर से मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण वह आगे नहीं बढ़ सका है। अब दोबारा इसकी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
विज्ञापन

बंधे हैं नियमों से

आईसीएआर भारत सरकार का विभाग है, जो पूरे देश में कृषि पर होने वाले अनुसंधान, पढ़ाई, कृषि के लिए पॉलिसी एवं दिशा-निर्देश आदि बनाता है। कृषि विश्वविद्यालयों को आईसीएआर से राज्य कृषि अनुसंधान को फंड मिलता है। आईसीएआर का कहना है कि अगर बिना आईसीएआर की मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी व कॉलेज से किसी विद्यार्थी ने बीएससी एग्रीकल्चर में डिग्री ली है तो उसे आईसीएआर से मान्यता प्राप्त संस्थानों में पीजी में एडमिशन नहीं मिलेगा।

बीएससी एजी की हैं 150 सीटें
यूपी कॉलेज में बीएससी एजी की 150 सीटों पर दाखिले के लिए सबसे अधिक मारामारी रहती है। हालत यह है कि एक-एक सीट पर 15 से अधिक आवेदक हर साल होते हैं। बावजूद इसके आईसीएआर से मान्यता नहीं लेने के कारण छात्रों के सामने आगे दाखिले का संकट खड़ा हो गया है। वर्तमान सत्र को मिलाकर 660 छात्र इस समस्या से जूझ रहे हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें