कहा कि सोनभद्र के उंभा कांड पर कांग्रेस के आंदोलन और प्रियंका गांधी को लाकर उसे उत्तेजित करने की ललितेशपति त्रिपाठी की भूमिका के बाद से नाराज योगी सरकार उसी राजनीतिक मंसूबे एवं विद्वेष से ऐसी रणनीति पर काम कर रही है। सारे तथ्यों को दरकिनार रख उनकी कथित जांच समिति की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न करने की हाईकोर्ट में वचनबद्धता के बावजूद चुनावी रणनीति की हड़बड़ी के तहत एफआईआर दर्ज कराकर राजनीतिक भयादोहन की रणनीति सफल नहीं होगी।
वहीं जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री प्रजानाथ शर्मा ने कहा कि सरकार राजनीतिक साजिश के तहत विद्वेष की भावना से पूर्व मपुख्यमंत्री के परिजनों को फंसाने का प्रयास कर रही है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर ब्राह्मणों को निशाना बनाकर उन्हें प्रताड़ित व अपमानित करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का सिपाही इस तरह के दमनात्मक कार्रवाई का हर स्तर पर पुरजोर विरोध करेगा। सरकार के षड़यंत्र का पर्दाफाश करने से कभी पीछे नहीं हटेंगे।
पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी, पिता पूर्व एमएलसी राजेश पति त्रिपाठी और पांच महिलाओं सहित 42 लोगों के खिलाफ मिर्जापुर में सहायक आयुक्त सहकारिता निबंधक मित्रसेन वर्मा ने भूराजस्व अधिनियम के तहत मड़िहान थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
सरकार की साढ़े नौ हजार बीघा जमीन पर हेरा-फेरी का मामला बताया जा रहा है। आरोप है कि गोपालपुर फार्म हाउस की कुछ जमीन बिना अनुमति के बेच दी थी। उभ्भा कांड के बाद अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की अध्यक्षता में गठित एसआइटी की जांच में इस भूमि से जुड़ी समिति की भी जांच की गई थी।
जमीन के मामले में कार्रवाई करने के निर्देश कुछ दिन दिए गए थे। इसकी जानकारी कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री कार्यालय से संबंधित एक ट्विटर हैंडल के माध्यम से साझा की गई थी। इसी क्रम में बीते बुधवार को मुकदमा दर्ज किया गया।