दीवानी कचहरी परिसर में बैठने के लिए स्थान के अभाव और वाहन पार्किंग की समस्या समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश है। शुक्रवार को बनारस बार एसोसिएशन के सभागार में सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में दोनों बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और महामंत्री समेत अन्य अधिवक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।
अधिवक्ताओं ने कहा कि भारत की संवैधानिक व्यवस्था में न्यायपालिका का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। बिना अधिवक्ताओं के न्यायपालिका का काम एक दिन भी नहीं चल सकता है। बावजूद प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए पक्के भवन व साफ-सुथरी जगह, साफ टॉयलेट, साफ पीने का पानी तक नहीं है। अधिवक्ताओं को जगह के अभाव में वाहन सड़क पर लगाना पड़ता है।
प्रस्ताव पारित किया गया कि सुविधाएं उपलब्ध होने व न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारियों की समुचित व्यवस्था होने तक आगामी कुछ दिनों में लोकतांत्रिक तरीके से एक बड़ा आंदोलन करेंगे। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को सूचित करेंगे।
बैठक में सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री सुरेंद्र नाथ पांडेय, अधिवक्ता राधेश्याम सिंह, शिवानंद पांडेय, केसर राय, मानबहादुर सिंह, अनूप श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, अशोक सिंह प्रिंस, प्रेम प्रकाश गौतम मौजूद रहे। अध्यक्षता बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह और संचालन महामंत्री कमलेश सिंह यादव ने किया।