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जानें काैन हैं आचार्य जयशंकर... : IITian बाबा के बाद अब इनकी हो रही चर्चा, 33 साल पहले BHU से किया था बीटेक

Sat, 25 Jan 2025 11:24 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र आचार्य जयशंकर नारायण ने 33 साल पहले के कई यादगार लम्हों को बताया। कहा कि तब से लेकर अब तक महाकुंभ में काफी बदलाव हुए हैं। 
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आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र आचार्य जयशंकर नारायण। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईआईटीएन बाबा के बाद अब महाकुंभ में आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र आचार्य जयशंकर नारायण की चर्चा है। 33 साल पहले केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुके आचार्य 30 साल से दुनिया को वेदांत दर्शन का पाठ पढ़ा रहे हैं। 

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आचार्य ने कहा कि धर्म पहला पुरुषार्थ है और इसके बिना मोक्ष की कल्पना नहीं की जा सकती है। वर्तमान में आर्ष विद्या संप्रदाय के शिक्षक भी हैं। हाल ही में महाकुंभ की सरकारी व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की।

कहा कि व्हीलचेयर की व्यवस्था नहीं की गई है। सात किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा है, लेकिन शौचालय और सफाई की व्यवस्था शानदार है। उन्होंने अपने 92 बैच के आईआईटीयन दोस्तों के साथ एलुमिनाई मीट भी की थी। 
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एक-दूसरे से मिलकर पुरानी यादों को ताजा किया था। आचार्य जयशंकर आईआईटी बीएचयू में 1992 बैच के बीटेक छात्र रहे हैं। चार साल के कोर्स के बाद टाटा स्टील में केमिकल इंजीनियर बने। डेढ़ साल नौकरी के बाद अमेरिका और फिर 1999 में नौकरी छोड़कर स्वामी दयानंद सरस्वती के वेदांत दर्शन की ओर मुड़े और आर्ष विद्या गुरुकुलम से जुड़े। जो कि आज आर्ष विद्या संप्रदाय के नाम से जाना जाता है। 

आचार्य मूल तौर पर चेन्नई के रहने वाले हैं। वहां से बनारस में शिक्षा लेने आए। इसके अलावा जमशेदपुर और अमेरिका के न्यू जर्सी में भी रहे हैं। 

व्यवस्थाओं की तारीफ की और कमियां भी गिनवाईं
महाकुंभ की व्यवस्थाओं की तारीफ और कमियों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाएं हर बार से बेहतर हैं। लेकिन पैदल बहुत चलना पड़ रहा है। शाही स्नान के दिन लोगों को 7-10 किमी दूर ही रोका जा रहा है। 

यहां पर किसी के लिए भी व्हील चेयर की कोई व्यवस्था नहीं है। हल्के बैग के साथ ही यहां पर आए। मेले में क्लीनिक और फार्मेसी काफी संख्या में हैं। सड़कें काफी साफ हैं और हाइजेनिक हैं।
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महाकुंभ के बारे जानेंगे परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थी
परिषदीय विद्यालय के विद्यार्थियों को अगले तीन सप्ताह तक 10 से 15 मिनट महाकुंभ पाठशाला के तहत आध्यात्मिक विरासत से अवगत कराया जाएगा। दस पन्नों की एक पुस्तिका भी तैयार की गई है। विद्यार्थियों को महाकुंभ सहित सभी कुंभ के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। 

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हिमांशु नागपाल ने बताया कि रोज 10-15 मिनट बोर्ड परीक्षा के छात्रों को छोड़कर बाकि बच्चों को जानकारी की दी जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद पाठक ने बताया कि जिले के 1145 विद्यालयों के बच्चों को महाकुंभ के बारे जानकारी देने के लिए महाकुंभ पाठशाला की शुरुआत की गई है। 150 प्रश्नों की सूची तैयार की गई है। 
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