व्यवस्थाओं की तारीफ की और कमियां भी गिनवाईं
महाकुंभ की व्यवस्थाओं की तारीफ और कमियों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाएं हर बार से बेहतर हैं। लेकिन पैदल बहुत चलना पड़ रहा है। शाही स्नान के दिन लोगों को 7-10 किमी दूर ही रोका जा रहा है।
यहां पर किसी के लिए भी व्हील चेयर की कोई व्यवस्था नहीं है। हल्के बैग के साथ ही यहां पर आए। मेले में क्लीनिक और फार्मेसी काफी संख्या में हैं। सड़कें काफी साफ हैं और हाइजेनिक हैं।
महाकुंभ के बारे जानेंगे परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थी
परिषदीय विद्यालय के विद्यार्थियों को अगले तीन सप्ताह तक 10 से 15 मिनट महाकुंभ पाठशाला के तहत आध्यात्मिक विरासत से अवगत कराया जाएगा। दस पन्नों की एक पुस्तिका भी तैयार की गई है। विद्यार्थियों को महाकुंभ सहित सभी कुंभ के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हिमांशु नागपाल ने बताया कि रोज 10-15 मिनट बोर्ड परीक्षा के छात्रों को छोड़कर बाकि बच्चों को जानकारी की दी जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद पाठक ने बताया कि जिले के 1145 विद्यालयों के बच्चों को महाकुंभ के बारे जानकारी देने के लिए महाकुंभ पाठशाला की शुरुआत की गई है। 150 प्रश्नों की सूची तैयार की गई है।