कार्यकर्ता पुनीत मिश्रा ने कहा कि झारखंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान किया जाना चाहिए। एबीवीपी ने छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे थे। ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की बर्बरता स्वीकार नहीं की जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
विरोध मार्च को देखते हुए बीएचयू परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। सिंह द्वार के आसपास प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की के बाद स्थिति पर नजर रखी गई। बाद में मामला शांत हुआ और माहौल सामान्य हो गया।