अदालत में हुई सुनवाई के दौरान चुनाव परिणाम और याचिका में लगाए गए आरोपों समेत विभिन्न तथ्यों पर विचार किया गया। अदालत के अनुसार, 10 जुलाई 2021 को हुए पिंडरा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में धर्मेंद्र को 71 मत मिले थे। वहीं, सुनील यादव को 64 और नरेंद्र पाल को एक मत प्राप्त हुआ था। चुनाव परिणाम में धर्मेंद्र विजयी घोषित किए गए थे।
सुनवाई के दौरान वादी अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। अदालत ने उपलब्ध तथ्यों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद चुनाव याचिका को निरस्त कर दिया। इससे धर्मेंद्र का ब्लॉक प्रमुख पद पर निर्वाचन बरकरार रहा।
निर्वाचित ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र विश्वकर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जितनारायण सिंह, अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह और अधिवक्ता सुधीर कुमार सिंह ने अदालत में पैरवी की। अदालत के फैसले से चुनाव को लेकर चल रही कानूनी चुनौती समाप्त हो गई है।