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Sant Ravidas Birth Anniversary: 150 फीट का निशान फहराया, 24 घंटे में तीन लाख संगत ने किए दर्शन

Mon, 02 Feb 2026 04:34 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: संत रविदास मंदिर पर सुबह संत मनदीपदास की अगुवाई में 150 फीट निशान फहराकर प्राकट्योत्सव की शुरुआत हुई। लगातार 24 घंटे गुरु के दर्शन होते रहे। 
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सीर गोवर्धनपुर में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संत गुरु रविदास के 649वें प्राकट्योत्सव पर रविवार को सीर गोवर्धनपुर का क्षेत्र बेगमपुरा में तब्दील हो गया। संगत ने गुरु के ध्यान में मन लगाया और गुरु के चरणों की रज माथे पर लगाकर धन्य हुए। संत रविदास मंदिर के दोनों तरफ 2 किमी लंबी कतार लगी रही। दर्शन में 1 से 2 घंटे का समय लग रहा था। लगातार 24 घंटे गुरु के दर्शन होते रहे। 15 देशों और 25 राज्यों के तीन लाख से अधिक रैदासियों ने हाजिरी लगाई। मेला क्षेत्र में गुरुवाणी की गूंज होती रही। वहीं, शहर और ग्रामीण इलाकों के अलावा आसपास के जिलों से गाजेबाजे के साथ निकली झांकियां देर रात तक मंदिर पहुंचती रही। डीजे की धुन पर अनुयायी थिरकते हुए चलते रहे।
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संत रविदास मंदिर पर सुबह संत मनदीपदास की अगुवाई में 150 फीट निशान फहराकर प्राकट्योत्सव की शुरुआत हुई। अखंड अमृतवाणी के पाठ के समापन और अरदास के साथ सबद कीर्तन शुरू हुआ। हालांकि संगत ने शनिवार की रात 12 बजे ही मंदिर में केक काटकर गुरु के प्राकट्योत्सव की शुरुआत कर दी थी। इसके साथ ही दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ और मंदिर पूरी रात खुला रहा। दर्शन का यह क्रम रविवार रात तक जारी रहा। मंदिर के दोनों तरफ महिलाएं और पुरुष कतारबद्ध होकर दर्शन करते रहे। पूरा मेला क्षेत्र भीड़ से खचाखच भरा हुआ था। 

मेला क्षेत्र में संगत जगह-जगह झांझ-मजीरा संग गुरु धुन पर झूमते हुए नजर आए। सत्संग पंडाल में देशभर से आए संतों और रागी जत्थों ने गुरु महिमा का गान किया। संतों और अतिथियों का सम्मान किया गया। संत मंदीप दास, शीर्षधर, किशननाथ, मेघराज, प्रीतम दास, लखबेंदर, गोपालानंद, प्रदीपदास आदि संत मौजूद थे। मेले में बच्चे, महिलाएं और पुरुष खिलौने, कपड़े, शृंगार, घरेलू सामग्री आदि की खूब खरीदारी कर रहे थे।
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सीर गोवर्धनपुर में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
ढली शाम तो रात तक आती रहीं झांकियां
संत रविदास मंदिर में शाम ढलने के साथ ही जगह-जगह से जुलूस और शोभायात्राओं का सिलसिला शुरू हो गया। संगत में उल्लास का माहौल था। मैदागिन स्थित संत रविदास उपदेश स्थली से ऑल इंडिया आदिधर्म मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत रविदास मंदिर के महंत आचार्य भारतभूषण दास की अगुवाई में मुख्य जुलूस उठा। गाजेबाजे के साथ झांकियां थीं और डीजे पर थिरकते हुए संगत चल रही थी। संतों का दल गुरुवाणी का कीर्तन कर रहा था। इसमें विभिन्न इलाकों से निकले जुलूस भी शामिल हुए। उधर, डाफी, रामनगर, चंदौली, भदोही, जौनपुर और बिहार के सीमावर्ती जिलों से भी जुलूस देर रात तक मंदिर पहुंचा।

अनवरत लगती रही संगत की पंगत
मेला क्षेत्र में संगत और पंगत का सिलसिला अनवरत चलता रहा। सुबह से पूरी रात पंडालों में लंगर चलता रहा। मेले में आए लोग दर्शन और खरीदारी के साथ ही लंगर छकने के लिए जुटे रहे। मेला क्षेत्र में करीब 10 दिनों से लंगर चल रहा था। मंदिर के अलावा लंगर और अन्य सेवाओं के लिए छह हजार से अधिक सेवादार लगे हुए थे।

दान में आए डाॅलर और सोने-चांदी, डिस्पेंसरी को 2 करोड़
देश-विदेश से आए रैदासियों ने रुपये के अलावा सोने-चांदी और डॉलर भी दान किए। गुरु रविदास मंदिर के खजाने में दान देने के लिए भी भारी भीड़ रही। प्रवासी भारतीयों ने विशेष रूप से डॉलर और सोने का दान किया। स्वर्ण बंगड़ ने स्व. बीबी रेशम कौर बंगड़ चैरिटेबल डिस्पेंसरी के संचालन के लिए 2 करोड़ रुपये दान किए।

सीर गोवर्धनपुर में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
संत निरंजनदास ने जालंधर में मनाया गुरु पर्व
हर साल रैदासियों के धर्मगुरु संत निरंजनदास महाराज की अगुवाई में संगत गुरु का प्राकट्योत्सव मनाती है लेकिन इस बार वह पंजाब के जालंधर में गुरु का पर्व मना रहे हैं। यह दूसरी बार है जब वह इस पर्व में काशी में नहीं हैं। हालांकि वह 30 जनवरी को यहां पहुंचे थे और शनिवार को गुरु का दर्शन कर डेरा सचा खंड आश्रम में गुरु पर्व मनाने चले गए थे, क्योंकि वहां प्रधानमंत्री भी पहुंचे थे।

इन वीआईपी ने किए दर्शन
मंदिर में दर्शन के लिए वीआईपी भी पहुंचे थे। यूपी सरकार के मंत्री असीम अरुण, पंजाब सरकार के मंत्री रविजोत सिंह, नगीना के सांसद चंद्रशेखर, पूर्व मंत्री तेलंगाना कोंद्रा पुष्पोलीला, पूर्व सांसद शमशेर सिंह दुल्लो आदि मंदिर में दर्शन करने पहुंचे।
 
मीरा कुमार के बेटे अंशुल ने चढ़ाई चादर
संत रविदास मंदिर राजघाट में भी तीन दिनों से चल रहे विविध अनुष्ठान के तहत गुरु का पूजन हुआ। संगत दर्शन के लिए पहुंची थी। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के बेटे डॉ. अंशुल अभिजीत ने भी माल्यर्पण कर चादर चढ़ाए और मत्था टेका। संगोष्ठी में महंत रामविलास दास, डॉ. भगवती सिंह, डॉ. प्रज्ञा सिंह, जय शंकर जय आदि ने विचार रखे। वहीं संत रविदास का प्रकाट्योत्सव कबीर मठ कबीरचौरा, कबीर प्राकट्य स्थली लहरतारा में भी पूजन अर्चन और सत्संग व भजन कीर्तन हुआ। महंत गोविंद शास्त्री, हरियाणा से धरम दास, साहेब दास, दिल्ली से त्रिलोकी दास ने गुरु का पूजन किया। उधर गुरुबाग गुरुद्वारे में भी संगत ने सबद कीर्तन कर रविदास को नमन किया।

बेटे की शादी टाल हरियाणा से साइकिल से आए
पंजाब व हरियाणा से पांच यात्री साइकिल से गुरु का दर्शन करने पहुंचे थे। वे 12 दिनों में यहां पहुंचे हैं। पंजाब के स्वर्ण राम, मलकी सिंह, हरियाणा सुनील कुमर, गुलाब सिंह, बलवीर सिंह आए हैं। सभी मजदूरी करते हैं। सुनील कुमार अपने बेटे की शादी टाल कर यहां आए हैं। बताया कि चार फरवरी को शादी थी, लेकिन इसे मार्च में टाल दी, ताकि गुरु बंदगी में कोई दिक्कत न हो।

सीर गोवर्धनपुर में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
जंसा से हाथी से निकले जुलूस को पुलिस ने रोका
कछवां रोड के ठटरा गांव स्थित संत शिरोमणि रविदास पार्क, चौबेपुर क्षेत्र में संत शिरोमणि रविदास की झांकी निकाली गई। लोहता के कोटवां एवं महमूदपुर गांव से जुलूस निकाला गया। पुलिस ने हाथी से जुलूस निकालने पर रोज लगा दी। इसको लेकर अनुयायी नराज दिखे। जुलूस जंसा से महमूदपुर हाथी से आ रहा था, पुलिस ने उसे जंसा के पास रोक दिया था। मिर्जामुराद क्षेत्र के विभिन्न गांवों, चिरईगांव, हरहुआ, बड़ागांव, पिंडरा इलाकों में जुलूस निकाला गया।

श्री खुरालगढ़ साहिब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
श्री गुरु रविदास जी की 649वीं प्रकाशोत्सव के अवसर पर श्री खुरालगढ़ साहिब में भव्य समागम का आयोजन किया गया। समागम में हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु जी के समक्ष नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया और गुरु रविदास जी की बाणी का श्रवण किया।

समागम में मुख्य सेवादार बाबा केवल सिंह ने गुरु जी के जीवन दर्शन और उपदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरु रविदास जी का सबसे महत्वपूर्ण संदेश आंतरिक शुद्धता था। उनका मानना था कि यदि मन पवित्र हो, तो ईश्वर वहीं मौजूद होते हैं। बाहरी आडंबरों की बजाय गुरु जी ने भीतर की शुद्धता और हृदय की सफाई पर जोर दिया।

बाबा केवल सिंह ने कहा कि गुरु जी ने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और छुआछूत के खिलाफ कड़ा विरोध किया। उनका सपना था एक ऐसा समाज, जिसे उन्होंने बेगमपुरा (दुःख रहित शहर) कहा। गुरु जी का मानना था कि सभी लोग एक ही ईश्वर की संतान हैं और सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए। उनके विचार आज भी आपसी भाईचारे, शांति और निस्वार्थ सेवा का मार्ग दिखाते हैं।

समागम में श्रद्धालुओं द्वारा विभिन्न स्थानों से आए शख्सियतों का सम्मान भी किया गया। इस दौरान गुरु घर में चल रहे माता कलशा यात्री भवन के निर्माण कार्य के लिए विभिन्न दान दिए गए। समागम के अंत में गुरु का अटूट लंगर भी वितरित किया गया।  

सीर गोवर्धनपुर में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
देश में जल्द आएगा बेगमपुरा का राज - चंद्रशेखर
पूरे देश में बेगमपुरा राज जल्द आएगा। वो दिन दूर नहीं है जब जगदगुरु रविदास कर सपना पूरा होगा। कश्मीर से कन्याकुमारी तक सब प्रसन्न होंगे। ये बातें नगीना से सांसद चंद्रशेखर ने रविवार को संत रविदास पार्क में मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहीं।

चंद्रशेखर सीर स्थित मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। संत रविदास ट्रस्ट की ओर से उनका स्वागत किया गया। सांसद ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण दिन है। एक साल तक हमारे लोग इसका इंतजार करते हैं कि प्रकाश पर्व आएगा। गुरु जी ने बलिदान दिया, तब रैदासियों को यह सम्मान मिला है। समाज में गरीबी, बेबसी, लाचारी, बीमारी, अशिक्षा सभी समस्याएं हैं, सब खत्म नहीं होंगी। सरकार अगर बहुजन समाज रेजिमेंट को बहाल कर दे तो कोई भी भारत के तरफ आंख नहीं उठा पाएगा।

पुलिसकर्मियों से झड़प, बच्ची बेहोश
वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर में संत रविदास जन्म स्थली पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। इसी बीच सांसद चंद्रशेखर भी जन्मस्थली पर पहुंचे थे। भारी भीड़ वाले स्थल जहां चार पहिया वाहन प्रतिबंधित है वहां पर सांसद गाड़ी लेकर पहुंचे। इस कारण कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं को असुविधा हुई। वाहन को लेकर पुलिस के मना करने के बाद भी चंद्रशेखर के समर्थक पुलिस से उलझ गए। झड़प हो गई। भीड़ के कारण एक बच्ची बेहोश भी हो गई। अंत में पुलिस को पीछे हटना पड़ा और सांसद की गाड़ी उसी रास्ते से वापस हुई।
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सीर गोवर्धनपुर में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाया सवाल
सांसद ने कहा कि संत रविदास की जयंती पर 5 लाख से अधिक भक्तों की भीड़ है। दुनिया भर से लोग इस प्रकाशोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। बावजूद इसके सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन दोनों खराब हैं। अभी चुनावी रैलियां होती तो पुलिस मुस्तैद दिखती। समाज के हर वर्ग को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी।

यूजीसी पर 11 फरवरी को करेंगे प्रदर्शन
यूजीसी पर कहा कि 11 फरवरी को दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। यूजीसी की गाइडलाइन सभी वर्गों के लिए समान की गई थी। इसमें खामियां यह है कि यूजीसी की जो समता समिति बनाई गई है उसके अध्यक्ष कुलपति हैं जो गलत है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिख कर आपत्ति जताई है। मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की क्षतिग्रस्त मूर्तियों को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक तो गलत कर रहे हैं ऊपर से जो लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं उनके खिलाफ मुकदमा कराया जा रहा है। फिर से दोहरा रहा हूं कि फेल सरकार है और फेल मुख्यमंत्री हैं।
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