वाराणसी। मौसम संबंधित जानकारी अब किसानाें को ब्लाक स्तर पर ही उपलब्ध होगी। इसके लिए देश में मौसम सुझाव सेवा केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। भारतीय मौसम विभाग जल्द ही यह सुविधा मुहैया कराएगा। ये बातें भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक डा. एलएस राठौर ने कहीं। वह बुधवार को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में इंटीग्रेटेड एग्रोमीटिरियोलाजिकल एडवाइजरी सर्विस की छठवीं वार्षिक अनुमूलन सभा को संबोधित कर रहे थे।
डा. राठौर ने कहा कि देश में 2009-10 में सूखा पड़ने के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित हुआ था। वर्षा, आंधी, सूखा और हवाआें की स्थिति की अद्यतन जानकारी के लिए संसाधन विकसित करने हेतु 260 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्हाेंने कहा कि ब्लाक स्तर पर पूर्वानुमान होने पर जिले के सभी स्थानों की जानकारी मिल जाएगी। ऐसा भी देखा जाता है कि मौसम विभाग द्वारा किसी जिले में बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया जाता है लेकिन वहां कुछ क्षेत्रों में बारिश होती है और कुछ में नहीं। ब्लाकवार पूर्वानुमान करने पर यह समस्या समाप्त हो जाएगी तथा इससे किसानाें को लाभ होगा।
विशिष्ट अतिथि बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आरपी सिंह ने कहा कि परंपरागत ज्ञान को आधुनिक शोध से जोड़कर पूर्वानुमान करने की जरूरत है क्याेंकि वर्षों पूर्व घाघ ने मौसम संबंधी पूर्वानुमान की जो बातें कविता में कही हैं, वह सच साबित होती है। सुझाव के तौर पर उन्हाेंने कहा कि पिछले 50 वर्षों के मौसम का पूर्वानुमान और घाघ द्वारा कही गईं बातों पर तुलनात्मक अध्ययन किया जाना चाहिए। डा. केके सिंह, डा. एन चट्टोपाध्याय, प्रो. एसके सेनगुप्ता, प्रो. केएम श्रीवास्तव, प्रो. आरएस सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। उधर, राजकीय क्वींस कालेज में डा. एलएस राठौर ने छात्र-छात्राओं को मौसम संबंधी जानकारियां दीं। उन्हें वायु दाब, आर्द्रता और प्रेक्षणशालाओं के बारे में बताया।