मिर्जामुराद। उच्च न्यायालय के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ मंगलवार को मिर्जामुराद क्षेत्र में अभियान चलाया गया। कई निजी अस्पतालों पर छापेमारी की गई। दो डाक्टरों के पास प्रामाणिक दस्तावेज न मिलने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराआ गई। साथ ही तीन नर्सिगिं होम के चिकित्सकों को दस्तावेज के साथ सीएमओ कार्यालय बुलाया गया है। अभियान के दौरान समूचे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति रही। कई चिकित्सक क्लीनिक बंदकर भाग गए। कुछ मेडिकल स्टोर भी बंद हो गए।
दोपहर बाद करीब एक बजे चिकित्सकों की टीम पुलिस फोर्स के साथ मिर्जामुराद में धमक पड़ी और नर्सिगिं होम, क्लीनिक और अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों के दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन की जांच करने लगी। पांच चिकित्सकों के प्रमाणपत्रों की जांच की गई। इसमें कल्लीपुर के श्रीप्रकाश के पास कोई डिग्री नहीं मिली। वहीं एक बंगाली डाक्टर के दस्तावेज भी फर्जी निकले। एडिशनल सीएमओ डा. एलसी यादव ने बताया कि दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अतिरिक्त श्रेया, श्रुति, जय गुरुदेव आदि नर्सिगिं होम की भी जांच की गई है। तीनों नर्सिगिं होम संचालकों को दस्तावेज के साथ सीएमओ कार्यालय बुलाया गया है।