वाराणसी। सूबे में उतना विद्युत संकट नहीं है, जितना अफसरों की मनमानी से बनारस के लोगों को झेलना पड़ रहा है। साजिशन शहर की बिजली न सिर्फ मनमाने तरीके से काटी जा रही है बल्कि वितरण और पारेषण से जुड़े अधिकारी किसी भी बात का सही जवाब देने की जरूरत तक नहीं समझते। इसी मनमानी के चलते गुरुवार को शहर में दिनभर बिजली का गंभीर संकट बना रहा। डुबकिया 400 केवी उपकेंद्र ट्रांसफार्मर एक पखवाड़े में तीसरी बार ट्रिप कर गया। सुबह दस से शाम पांच बजे तक बिजली गुल रही लेकिन कंट्रोल से कटौती मुुक्ति के प्रयास करने के बजाय अफसरों ने बदहाली के लिए लखनऊ कंट्रोल को जिम्मेदार ठहराया। बिजली का यही हाल रहा तो नगर निगम चुनाव में समाजवादी पार्टी को तगड़ा झटका लग सकता है।
सुबह 10.20 से 11.20 तक शहर की कटौती की गई। फिर 12.45 पर डुबकिया का 160 एमवीए का ट्रांसफार्मर ट्रिप कर गया। तकरीबन पौन घंटे बाद डेढ़ बजे आपूर्ति बहाल हुई। दो बजकर 20 मिनट पर शहर की रोस्टरिंग शुरू हो गई। डुबकिया के प्रभारी अधिशासी अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने फोन करने पर कहा कि पता नहीं कौन लोगों को नंबर दे देता है। 400 केवी उपकेंद्र से कटौती से कोई रिश्ता नहीं होता। मुख्य अभियंता विद्युत पारेषण एके चतुर्वेदी से यह बात कही गई तो उन्होंने कहा कि देखाता हूं लेकिन पांच बजे तक उन्होंने कुछ नहीं किया। दिन भर बिजली नहीं मिली तो शाम को आपूर्ति बहाल होते ही सभी उपकेंद्र ओवरलोड होने लगे। पन्नालाल पार्क में ट्रिपिंग की जबरदस्त समस्या है। दिन में जिस समय उपकेंद्र कैंट से 200 एंपियर का लोड ले रहा था, उस समय अधिशासी अभियंता चंद्रबली ने दो टूक कहा कि ट्रिपिंग के बाद डुबकिया से उनके यहां बिजली ही नहीं आई। कैंट 132 केवी उपकेंद्र शाम को ओवर लोडिंग के चलते बंद रहा। वहां किसी ने फोन उठाया ही नहीं। डीपीएच में रात आठ बजे तक आपूर्ति सामान्य नहीं हुई लेकिन एसडीओ शैलेंद्र कुमार मोबाइल उठाने को तैयार नहीं थे। विश्वनाथ मंदिर इलाके में सुबह साढ़े आठ बजे से आपूर्ति ठप रही, लिहाजा इलाके में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाई। महमूरगंज में इस भीषण गर्मी में अधिकारी तार बदलवाते रहे। दौलतपुर, शंकुलधारा, आशापुर उपकेंद्रों में दिन भर ट्रिपिंग चलती रही। किसी भी उपकेंद्र में अधिकारियों ने गर्मी के लिहाज से तैयारी ही नहीं की है। कैंट में लकड़ी से ब्रेकर खोला बंद किया जाता है। हालात इतने खराब हैं कि पांडेयपुर में शांति कटरा के पास ट्रांसफार्मर का डीओ बांध रहा फजल खान अचानक हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया।
प्रबंध निदेशक ने बुलाई आपात बैठक
वाराणसी। शहर में विद्युत आपूर्ति की बदहाली से परेशान होकर प्रबंध निदेशक विजय विश्वास पंत ने पारेषण और वितरण के आला अफसरों की बैठक बुलाई। उनसे स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं की बाबत पूछा। गैंगमैन की कमी, उपकेंद्रों की क्षमता की कमी, जर्जर लाइनों, ब्रेकर आदि के बारे जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जल्द ही जरूरी सामग्री उपलब्ध करा दी जाएगी। उसके बाद उपकेंद्रों की मरम्मत का काम शुरू होगा। हफ्ते भर में हालात में सुधार आने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर की ट्रिपिंग और बदहाली को कम किया जाएगा। जिलाधिकारी समीर वर्मा ने भी लगातार विद्युत कटौती के चलते शहर की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए विद्युत विभाग के अफसरों की बैठक शुक्रवार की शाम सात बजे बुलाई है।
बिजली की बदहाली से भड़के लोग
रामनगर। ग्रामीण इलाकों में विद्युत की बदहाली के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरने लगे हैं। बनारस शहर में गुस्साए लोग दोपहर में सड़क पर आए और अवर अभियंता को ज्ञापन दिया। रामनगर में साहित्यनाका मोड़ का जला ट्रांसफार्मर बदलने के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अयोध्या मैदान से जुलूस निकाला और किला रोड स्थित उपकेंद्र पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने 24 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का अल्टीमेटम दिया है। आंदोलनकारियों में नगर अध्यक्ष संतोष द्विवेदी, संतोष द्विवेदी, अनुपम गुप्ता, संतोष शर्मा, आशुतोष पांडेय, पंकज यादव, विवेक यादव, राकेश मिश्रा, सृजन श्रीवास्तव, त्रिशाल पाठक, योगेंद्र यादव आदि शामिल रहे। बड़ागांव संवाददाता के मुताबिक अनेई विद्युत उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में सिर्फ चार से पांच घंटे बिजली मिल रही है और वह भी लो वोल्टेज की। इस वजह से आसपास के दर्जनों गांवों के पेयजल नहीं नसीब हो पा रहा है। जल निगम के लिए अलग से लाइन खींची गई थी लेकिन इस फीडर पर भी घरेलू लोड जोड़ कर अधिकारियों ने उसे बर्बाद कर दिया है। विद्युत आपूर्ति की बदहाली के खिलाफ मदनपुरा के निवासियों ने चक्का जाम करने की तैयारी की थी लेकिन जेई को ज्ञापन देकर चेतावनी दी।