अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की तरफ से देश के 10 लाख युवाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण देने का प्रोजेक्ट रविवार को वाराणसी के काशी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केआईटी) में लांच हो गया। यूपी, उत्तराखंड और बिहार के 99 इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कॉलेजों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी मिली है। इसका संचालन एआईसीटीई के कानपुर क्षेत्रीय कार्यालय से होगा। पहले चरण में इन राज्यों के 5825 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय और एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल डी सहस्त्रबुद्धे ने रविवार को केआईटी में नेशनल स्किल डेवलपमेंट फ्रेम (एनएसडीएफ) का प्रोजेक्ट लांच किया। इस प्रोजेक्ट के जरिए पढ़ाई छोड़ने वाले स्टूडेंटोें को काबिल बनाया जाएगा। एआईसीटीई के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय ने बताया कि रोजगार परक प्रशिक्षण न्यूनतम 250 घंटे और अधिकतम 400 घंटे का है। इसका ब्योरा वेबसाइट aicte_india.org पर उपलब्ध है।
प्रशिक्षण देने वाले कॉलेजों के नाम भी फाइनल हो गए हैं। प्रो. सहस्त्रबुद्धे ने बताया कि इस योजना के तहत काशी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में 75 सीटों की मान्यता प्रदान की गई है। इस अवसर पर संस्था के वाइस चेयरमैन विपुल जैन, डॉ. मनोज तिवारी, प्रो. केके मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, प्रहलाद गुप्ता, अशोक सिंह, अवधेश पांडेय व प्रवीण सिंह सहित शिक्षकगण व छात्र मौजूद रहे।