बहुत से अभ्यर्थी इसलिए भी ट्रेनिंग के दौरान नौकरी छोड़ देते हैं कि क्योंकि उन्हें अन्य सरकारी या निजी विभागों में काम मिल जाता है। कई बार भर्ती प्रक्रिया में अधिक समय लगने और कुछ प्रशिक्षण के माहौल में खुद को ढाल नहीं पाते हैं।
नौकरी छोड़ने के पीछे कुछेक अभ्यर्थी ऐसे भी थे, जो कि सुबह 5 बजे उठ नहीं पा रहे थे। प्रशिक्षण के दौरान त्यागपत्र देने वाले 11 रिक्रूट में अधिकतर की सरकारी नौकरी जैसे कि ग्राम विकास अधिकारी, लेखपाल और बैंकों में भी लगी है।
रिटायर्ड डीएसपी ध्रुव कुमार सिंह बताते हैं कि पुलिस प्रशिक्षण आमतौर पर आसान नहीं होता है। शारीरिक और मानसिक चुनौतियां शामिल होती हैं। सुबह जल्दी उठना, लंबी दौड़ लगाना, परेड, अनुशासन में रहना। यह सब कई बार कुछ अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है।
अधिकतर प्रशिक्षुओं की सरकारी या निजी संस्थानों में नौकरी लग जाती है या फिर वह किसी व्यवसाय से जुड़ जाते हैं। कुछ पारिवारिक संकट या दबाव में नौकरी छोड़ देते हैं। - प्रमोद कुमार, डीसीपी, रिजर्व पुलिस लाइन