क्षेत्राधिकारी द्वारा की गई जांच में यह तथ्य प्रथमदृष्टया सत्य पाया गया कि एसआई लालबहादुर प्रसाद ने वादी से अवैध धन की मांग की थी। यह आचरण पुलिस विभाग की गरिमा, अनुशासन और आचरण संहिता के पूर्णतः विपरीत माना गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर लालबहादुर प्रसाद के विरुद्ध थाना देवगांव में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर उन्हें हिरासत में लिया गया।
विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि विभाग किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार, अवैध धन उगाही या अनैतिक मांग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा ऐसे कृत्यों के लिए शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करें, अन्यथा दोषी पाए जाने पर कठोर विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।