जिस आग को बुजुर्ग महिला को ठंड से बचने को जलवाई गई थी, उसी आग में उनकी जलकर मौत हो गई। शरीर पूरी तरह से जल गया। सुबह चार बजे परिजनों की नींद खुली तो तेज दुर्गंध आई। वृद्धा के कमरे में गए तो पैरों तले से जमीन खिसक गई। पूरा कमरा धुएं से भरा था। किसी तरह हिम्मत कर लोग अंदर पहुंचे तो वृद्धा बुरी तरह से जली मिली। केवल हड्डियां बची थी। चारपाई का भी तीन हिस्सा पूरी तरह जल चुका था। नजारा देख परिवार के लोग चीखने चिल्लाने लगे। देखते ही देखते गांव के लोग वहां जुट गए।
सूचना पर पहुंची बड़ागांव थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। दूजा देवी के तीनों बेटो शंकर, मास्टर और मातिवार सहित पूरे परिवार का बुरा हाल है। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा चल रही है। दूजा देवी के पति बागेश्वर यादव की करीब 50 साल पहले ही मौत हो चुकी है।