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बारिश से 80 फीसदी फसल नष्ट, किसान चिंतित

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रतनपुरा ब्लाक के पिपरसाथ गांव में खेतों में जमा तमसा नदी का पानी।संवाद - फोटो : MAU
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सरयू और तमसा नदी की बाढ़ से तबाह हुए किसान उबर भी नहीं पाए थे कि चार-पांच दिनों पहले तेज हवा के साथ हुई बारिश से तैयार धान की फसल गिर गई है। जिले के किसानों का कहना है कि 80 फीसदी फसल बर्बाद हुई है। इससे हुए नुकसान और रबी की खेती पिछड़ने को लेकर किसान चिंतित हैं। यहां तक कि चारे का भी संकट पैदा हो गया है। सरयू का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से बची खुची फसल के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है।
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जिले में करीब 90 हजार हेक्टेयर में धान की बुआई की गई है। इसके अलावा बाजरा, मूंगफली, सब्जी आदि की खेती की गई है। सरयू, तमसा में उफान तथा बारिश से घोसी, मधुबन, सदर समेत अन्य ब्लाकों में हजारों एकड़ फसल जलमग्न होकर नष्ट हो गई है। रतनपुरा, परदहां ब्लाक क्षेत्र में अब भी सैकड़ों एकड़ फसल डूबी है। इससे धान, मूंगफली, बाजरा, सब्जी की फसल नष्ट हो गई है। जलभराव के कारण गेहूं, तिलहनी तथा दलहनी की बुआई पिछड़ने का डर किसानों को सता रहा है।
पिपरीडीह : गत दिनों तेज हवा के साथ हुई बारिश से ताजपुर उस्मान, कहिनौर, सुअराबोझ, रैकवारडीह, बबुआपुर आदि इलाकों में धान की तैयार फसल गिर गई है। ताजपुर उस्मानपुर के किसान राधे यादव, चंद्रपति यादव ने कहा कि धान की फसल गिरने से लागत निकलना मुश्किल है।
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मझवारा : तेज हवा के साथ हुई बारिश से पवनी, मझवारा, सिकरौर, सेमरीजमालपुर, चचाईपार में सैकड़ों एकड़ फसल गिर गई है। कटी फसल भीग गई। किसानों ने क्षति आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
फसल की क्षति का नहीं हुआ आकलन
बढुआ गोदाम। क्षेत्र में बाढ़ और पिछले दिनों हुई बारिश से नष्ट हुई फसलों का आकलन बीमा कंपनी ने अब तक नहीं किया, जबकि किसान कई बार शिकायत कर चुके हैं।
भैसही नदी की बाढ़ और पिछले दिनों हुई बारिश से सरयां रघुनाथपुर, बढुआ गोदाम, रकौली, रणवीरपुर आदि गांवों में 300 बीघे से अधिक फसल जलमग्न होकर नष्ट हो गई है। अजय कुमार पांडेय और श्रीकांत ने 12-12 बीघे, पुष्पा देवी ने एक बीघे, किरन पांडेय ने एक बीघे, मालती पांडेय ने छह बीघे, मिथिलेश पांडेय ने चार बीघे धान की फसल का बीमा कराया है। किसानों का आरोप है कि क्षति की सूचना देने के बाद भी बीमा कंपनी का कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। किसानों ने क्षति का आकलन न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
किसानों ने मुख्यमंत्री से लगाई मुआवजे की गुहार
रतनपुरा। तमसा नदी और गाढ़ा ताल में उफान के चलते क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में जलभराव से सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो गई हैं। इससे उनकी आजीविका पर संकट पैदा हो गया है। किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मुआवजा देने की गुहार लगाई है।
तमसा नदी और तथा गाढ़ा ताल में उफान और नगवा गांव के पास ड्रेन टूटने से मुस्तफाबाद, बिलौवा, जोगापुर, नगवा, दतौड़ा, सेहबरपुर, सिधवल, बीबीपुर, खिल्ला, पीपरसाथ, ठैचा, कोन्हिया, लसरा, पिंडोहरी, खालिसपुर समेत 50 से अधिक गांवों की सैकड़ों एकड़ धान, मूंगफली, अरहर, सब्जी की फसल नष्ट हो गई है। पशुओं के चारे का संकट पैदा हो गया है। पिंडोहरी के रामअवध, बीबीपुर के सुरेश राजभर, पीपरसाथ के किसान जयबहादुर सिंह और संजय पांडेय ने जलभराव से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा देने की मांग सीएम को पत्र भेजकर की है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा से आच्छादित किसानों को क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी देगी। राजस्व विभाग की तरफ से क्षति का आकलन किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। - उमेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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