वाराणसी। साड़ के हमले से घायल बीएचयू की छात्रा निधि यादव की मौत के दो सप्ताह बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके विरोध में नागरिक समाज संस्था के लोगों ने शनिवार को कमच्छा स्थित बीएचयू शिक्षा संकाय परिसर से भेलूपुर थाने तक पैदल मार्च निकाला। भेलूपुर थाने पर तहरीर देकर जवाब देह अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। देर शाम पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
बीएचयू के पूर्व छात्रनेता सुनील यादव के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में छात्र-छात्राओं ने घटना के विरोध में नारेबाजी की। सुनील ने बताया कि कई बार आवाज उठाने के बाद अब तक मुकदमा दर्ज करने की बात तो दूर साड़ों को हटाया तक नहीं गया। हस्ताक्षर अभियान के जरिए लोगों से समर्थन की अपील की गई। शोध छात्र रविंद्र भारतीय ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार को भी निधि की मौत की कोई चिंता नहीं है, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है। एसपी राय ने बताया कि साड़, बंदर आदि के हमले से लोगों का राह चलना मुश्किल हो गया है। मामले में जवाबदेह अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।