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रामभरोसे शहर, पहरुए बेखबर

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वाराणसी। आपको याद होगा अभी कुछ दिन पहले ही हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कुलदीप नामक शख्स ने पुलिस की सजगता और सतर्कता की पोल खोल कर रख दी थी। सुनवाई न होने से क्षुब्ध कुलदीप ने थाने में घुसकर थानेदार की वर्दी सहित कुछ अन्य सामान चुराया और उसका वीडियो तैयार कर मीडिया के सामने दिखाया। चौबीस घंटे मुस्तैदी के पुलिस के दावों की धज्जियां उड़ाने वाली यह हकीकत यहां भी कुछ वैसी ही है। आधी रात के बाद जिले के थानों, चौकियों के साथ ही अधिकतर पुलिस पिकेट भी वीरान हो जाते हैं। रात गहराते ही थानों के गेट से संतरी गायब तो नाइट अफसर का भी कहीं अता-पता नहीं। अधिकतर थानों में मुंशी दफ्तर के भीतर अकेले ऊंघते नजर आते हैं। कई पुलिस चौकियों की बिजली तक बुझा दी जाती है और पिकेट से हटकर सिपाही ट्रकोें से वसूली में व्यस्त हो जाते हैं। रविवार की आधी रात बाद अमर उजाला टीम ने जब थानों, चौकियों और पिकेट का जायजा लिया तो ऐसे ही हालात नजर आए।
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इन हालात में आमजन की सुरक्षा तो दूर, खुद थाने, चौकियां और पिकेट कितने सुरक्षित हैं, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। यह स्थिति तब है जब सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील शहर में चौबीस घंटे मुस्तैदी पर शासन स्तर तक मॉनीटरिंग के दावे किए जाते हैं। जिले में चोरी की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। मंडुवाडीह, लंका, रोहनिया, बड़ागांव और कैंट सहित कई अन्य थाना क्षेत्रों में चोरों ने लोगों की नींद उड़ा रखी है लेकिन पहरुओं की आंखें खुलें तब तो।
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