निर्धारित क्षमता से तीन गुना ज्यादा बंदियों वाले वाराणसी जिला कारागार में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। रविवार तक 58 बंदी कोरोना संक्रमित मिले, इनमें से सात दीनदयाल अस्पताल में भर्ती हैं। कोरोना संक्रमित बंदियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होते देख जिला कारागार की बैरक नंबर छह-बी को आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है।
747 बंदियों की क्षमता वाले जिला कारागार में रविवार को 2278 बंदी निरुद्ध थे। इनमें से 58 बंदी कोरोना संक्रमित थे। 51 बंदी जिला जेल के आइसोलेशन वार्ड में ही हैं, जबकि सात को दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला जेल के जेलर पवन कुमार त्रिवेदी ने बताया कि बंदियों के लगातार कोरोना संक्रमित होने पर उनके लिए बैरक नंबर छह-बी को आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है।
जेल की तस्वीर
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इस बैरक में 100 से ज्यादा बंदी आसानी से रखे जा सकते हैं। थानों की पुलिस द्वारा जो भी मुजरिम रोजाना लाए जाते हैं उनके लिए कारागार के गेट पर ही एंटीजेन जांच की व्यवस्था की गई है। निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही मुजरिम जेल में दाखिल किए जाते हैं, पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर उन्हें तत्काल दीनदयाल अस्पताल भेज दिया जाता है।
कारागार में कोविड-19 की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। रोजाना सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है और बंदियों को मास्क लगाने के लिए चेताया जाता है। जिलाधिकारी के आदेश के आधार पर जल्द ही पिछले वर्ष की भांति अस्थायी जेल की व्यवस्था भी की जाएगी।
कोरोना टेस्ट
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सेंट्रल जेल के 23 कैदी कोरोना पॉजिटिव, सबकी हालत ठीक
सेंट्रल जेल के 23 कैदी कोरोना पॉजिटिव हैं और सभी की हालत ठीक है। यह जानकारी रविवार को सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक एके सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि हमारे पास डॉक्टरों से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ और जांच की सुविधा के साथ ही ऑक्सीजन सिलिंडर आदि की पर्याप्त व्यवस्था है। कारागार की चार नंबर सर्किल में कैदियों को आइसोलेट करने की अलग से व्यवस्था बनाई गई है। 1700 से ज्यादा कैदियों वाले केंद्रीय कारागार में 981 कैदियों को कोरोना की वैक्सीन भी लग चुकी है। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सैनिटाइजेशन जैसे सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। फिलहाल किसी भी तरह से कैदियों के लिए समस्या की कोई बात नहीं है। यदि किसी कैदी की हालत गंभीर होगी तभी उसे बाहर के अस्पताल में भेजा जाएगा।