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प्रधानमंत्री मोदी बोलेः टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की रणनीति से जीतेंगे कोरोना की जंग

Sun, 18 Apr 2021 06:34 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

पीएम ने वाराणसी में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से की बातचीत 
प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ वाराणसी के लोगों की हरसंभव सहायता करे
संसाधनों की नहीं होगी कमी, मगर आपदा में कालाबाजारी करने वालों पर भी रखें नजर
 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी में कोविड-19 के मौजूदा हालात की जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ  वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट का मंत्र देते हुए कहा कि फर्स्ट वेब की तरह ही वायरस से जीतने के लिए यही रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने जांच का दायरा बढ़ाने के साथ कांट्रैक्ट ट्रेसिंग और हर मरीज को इलाज का निर्देश दिया।

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कमिश्नरी सभागार में वर्चुअल समीक्षा बैठक में पीएम मोदी ने कोरोना से बचाव तथा संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए टेस्टिंग, बेड, दवाइयां, वैक्सीन और मैनपॉवर आदि की जानकारी ली। उन्होंने जनता को हरसंभव सहायता तुरंत मुहैया कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी के नियम के पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह वाराणसी प्रशासन ने तेजी के साथ काशी कोविड रिस्पांस सेंटर स्थापित किया है, वैसी ही तेजी हर कार्य में लानी चाहिए।

उन्होंने संक्रमित व्यक्तियों की कांट्रैक्ट ट्रेसिंग और टेस्ट रिपोर्ट को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संसाधनों की कमी नहीं होगी, लेकिन आपदा में इन संसाधनों की कालाबाजारी करने वालों पर भी नजर रखें। पीएम ने कहा कि कोविड संक्रमण से बचाव के लिए सरकार और समाज दोनों का सहयोग जरूरी है। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को कोविड से बचाव तथा इलाज के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री को कांट्रेक्ट ट्रेसिंग के लिए बने कंट्रोल रूम, होम आइसोलेशन के लिए बनाए गए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, डेडीकेटेड फोन लाइन एंबुलेंस, कंट्रोल रूम से टेलीमेडिसिन की व्यवस्था, शहरी क्षेत्र में अतिरिक्त रैपिड रिस्पांस टीम की तैनाती आदि विषयों पर जानकारी दी गई।

इस दौरान एमएलसी व कोविड प्रभारी वाराणसी एके शर्मा, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, नगर आयुक्त गौरांग राठी, आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो बीआर मित्तल, प्रभारी सीएमओ एनपी सिंह, राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी, राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल, एमएलसी अशोक धवन, लक्ष्मण आचार्य, विधायक रोहनियां सुरेंद्र नारायन सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

पीएम बोले, आम जनता से मिल रहा फीडबैक
प्रधानमंत्री ने बताया कि वाराणसी के प्रतिनिधि के रूप में वह आम जनता से भी निरंतर फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि वाराणसी में पिछले 5-6 वर्षों में मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और आधुनिकीकरण से कोरोना से लड़ने में सहायता मिली है। इसके साथ वाराणसी में बेड, आईसीयू और आक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाया जा रहा है। मरीजों की बढ़ी हुई संख्या से संसाधनों के दबाव को देखते हुए हर स्तर पर प्रयास बढ़ाने का निर्देेश दिया।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : social media
45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को करें जागरूक
प्रधानमंत्री ने वैक्सीनेशन अभियान के महत्व को बताते हुए कहा कि प्रशासन 45 साल से ज्यादा की उम्र के सभी लोगों को इसके लिए जागरूक करें। प्रधानमंत्री को बताया गया कि कोविड से बचाव के लिए अभी तक 198383 व्यक्तियों को प्रथम व 35014 व्यक्तियों को वैक्सीनेशन की दोनों डोज लग चुकी है। उन्होंने प्रशासन को भी पूरी संवेदनशीलता से वाराणसी के लोगों की हरसंभव सहायता करने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने देश के सभी डॉक्टरों, सभी मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संकट की घड़ी में भी वह अपने कर्तव्य का निष्ठापूर्ण पालन कर रहे हैं।

स्वयंसेवी संगठनों को किया जाए प्रोत्साहित
पीएम मोदी ने होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों और उनके परिवार के प्रति भी सभी जिम्मेदारियों के संवेदनशील तरीके से निर्वहन का निर्देश दिया। साथ ही वाराणसी के स्वयंसेवी संगठनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने जिस प्रकार सरकार के साथ कदम मिलाकर कार्य किया है उसे और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने पुन: स्थिति को देखते हुए अधिकाधिक सतर्कता और सावधानी बरतने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें पिछले साल के अनुभवों से सीखते हुए सतर्क रहकर आगे बढ़ना है।
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