सेवापुरी। आराजीलाइन विकास खंड क्षेत्र के कपरफोड़वा ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी हरिहर सिंह पर कार्रवाई का शिकंजा कसता जा रहा है। खड़ंजा घोटाले के नामजद आरोपी ग्राम विकास अधिकारी पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे हैं। इसी बीच डीपीआरओ द्वारा मुकदमा दर्ज कराने के मामले में एडीओ पंचायत सुनील सिंह की झूठी रिपोर्ट ने विभागीय अधिकारियों को परेशानी में डाल दिया है। इस मामले का पटाक्षेप भी नहीं हुआ था कि तीसरा मामला ग्राम विकास अधिकारी हरिहर सिंह का सामने आ गया है।
विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी रामराज को अब तक चार्ज न दिए जाने से ग्राम पंचायत में विकास कार्य ठप होने के साथ आडिट कार्य भी प्रभावित है। इस मामले में एडीओ पंचायत ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखकर ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी हरिहर सिंह ग्राम पंचायत कपरफोड़वा में कई वर्षों से तैनाती के दौरान सरकारी धन का गबन किया है। वर्ष 2012 में शिकायतकर्ता अशोक कुमार वर्मा ने इनके खिलाफ 2005 से लेकर 2010 तक का मामला उठाया तो जांच अधिकारी डीपीआरओ ने मामला सही पाते हुए मार्च 2016 में बीडीओ को मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था।
मुकदमा दर्ज कराने के बजाय एडीओ पंचायत ने मामला उलझा दिया है। इसके बाद शिकायतकर्ता अनिल दुबे ने वर्ष 17 में अधिकारियों से शिकायत कर आरोप लगाया था कि ग्राम विकास अधिकारी हरिहर सिंह और पूर्व ग्राम प्रधान ने वर्ष 13-14 में बगैर खड़ंजा निर्माण कराये ही ग्राम पंचायत के खाते से लाखों रुपये निकाल लिए हैं। मामले की जांच सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने डीसी मनरेगा से करवाई तो आरोप सत्य मिले। इस मामले में उनके खिलाफ जंसा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। नया मामला अब यह आ गया है कि कपरफोड़वा गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी रामराज ने ब्लाक के अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि ग्राम विकास अधिकारी हरिहर सिंह से बार-बार चार्ज मांगा जा रहा है, जो नहीं दे रहे हैं। एडीओ पंचायत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ को पत्र लिखकर कार्रवाई की संस्तुति की है।