वाराणसी। रमचंदीपुर में हुए खनन के मामले में हाईकोर्ट की जांच टीम के बाद अब जल्द ही खनिज निदेशालय की टीम पहुंचने वाली है। सूत्रों की मानें तो टीम अगले एक-दो दिनों में वाराणसी पहुंच जाएगी। यह टीम मानक से ज्यादा बालू खनन के साथ ही, कितने मीटर गहराई में खनन हुआ है, इसकी जांच भी करेगी।
सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. विश्राम अपनी रिपोर्ट में बता चुके हैं कि मानक से करीब पांच गुना ज्यादा खनन हुआ जबकि पट्टाधारक ने डीएम योगेश्वर राम मिश्र से मिलकर मानक से कम खनन की बात कही है। टीम अपनी जांच के दौरान दोनों पक्षों को भी सुनने के साथ ही साक्ष्य भी लेगी। पट्टाधारक को दो मीटर गहराई में खनन का आदेश था लेकिन आरोप है कि उन्होंने करीब चार मीटर गहराई में खनन किया है। सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में चार मीटर गहराई में खनन की पुष्टि हो चुकी है।
प्रशासन ने अक्तूबर महीने में रमचंदीपुुर में गंगा नदी के किनारे 85020 घनमीटर खनन का ठेका दिया था। 12 एकड़ में खनन कराया जाना था। 28 अक्तूबर से ठेकेदार ने खनन शुरू कराया। अवैध खनन की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. विश्राम, सीओ पिंडरा, एआरटीओ और जिला खनन अधिकारी अनिल सिंह ने जांच की थी। सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में बड़े पैमाने पर धांधली उजागर हुई थी। कहा गया कि एक एमएम-11 पर कई ट्रक पास कराए गए। खनन स्थल पर खनन विभाग की चौकी नहीं थी। जिला खनन अधिकारी की संलिप्तता बताई गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने मानक से ज्यादा खनन बताया वहीं ठेके दार ने अब तक 63 हजार घनमीटर में ही खनन की जानकारी प्रशासन को दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काशी आगमन से एक दिन पूर्व तीन जनवरी को खनन बंद कराया गया था।
अवैध मिट्टी खनन में जेसीबी और ट्रैक्टर का चालान
चिरईगांव। मिट्टी के अवैध खनन की सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी चिरईगांव दीनदयाल पांडेय ने शनिवार को कमौली गांव से अवैध खनन में लगी एक जेसीबी और मिट्टी लदे एक ट्रैक्टर का चालान कर दिया। इसकी सूचना जिला खनन अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर को भी दी गई है। चौकी प्रभारी का कहना है कि बगैर अनुमति के मिट्टी खनन की शिकायतें सिंहवार, कमौली, नेवादा और मढ़नी आदि गांवों से मिल रही थीं। जेसीबी चालक चंद्रशेखर चौहान और ट्रैक्टर चालक रणंजय सिंह को हिरासत में लिया गया है। वहीं, जाल्हूपुर चौकी क्षेत्र के चांदपुर बभनपुरा गांव में भी मिट्टी के अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं। आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।