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एग्रीमेंट से जमीन मालिक आ जाता है जीएसटी के दायरे में

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वाराणसी। सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन के संयोजन में कैंटोंमेंट स्थित एक होटल में शनिवार को ‘लक्ष्य-2019, नेशनल टैक्स कांफ्रेंस ऑन जीएसटी’ का आयोजन किया गया। इस दौरान ज्वाइंट कमिश्नर राज्य कर संजय पाठक ने बताया कि अगर किसी जमीन का बिल्डर एग्रीमेंट हो गया तो उसी समय से जमीन मालिक जीएसटी के दायरे में आ जाएगा। भले ही वो पैसा नगद ले या फ्लैट के रूप में ले। आगे बताया कि एक अप्रैल से नया नियम लागू हो रहा है। रियल इस्टेट में जहां 12 प्रतिशत टैक्स देना होता था वहां पांच प्रतिशत और जहां आठ प्रतिशत लगता था वहां एक प्रतिशत लगेगा। इसमें शर्त यह रखी गई है कि आईटीसी का लाभ बिल्डर को नहीं मिलेगा।
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इस सवाल पर कि 31 मार्च तक रियल इस्टेट से जुड़ी जो भी खरीद की गई है उसकी आईटीसी मिलेगी या नहीं, संजय पाठक ने बताया कि यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि जल्द ही नोटिफिकेशन आने वाला है। एडवोकेट सहारनपुर विक्रम चावला ने इनपुट टैक्स क्रेडिट पर विचार व्यक्त किया और समस्याओं का समाधान किया। एडवोकेट संतोष कुमार गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता कंाफ्रेंस कमेटी के अध्यक्ष शरद कुमार त्रिपाठी एडवोकेट व कांफ्रेंस कन्वेनर रमेश कुमार गिनोडिया, अध्यक्ष आनंद मौर्या व सचिव विनय कांत मिश्रा ने किया। प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह, प्रो. राम मोहन पाठक, अरविंद गुप्ता, श्रीनाथ त्रिपाठी रहे। वहीं द्वितीय सत्र के मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विशिष्ट अतिथि सदस्य हरि शंकर सिंह, संजय पाठक, आरके चौधरी रहे।
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